हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)
Hindutva: Who is a Hindu? by Veer Savarkar
स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंहिन्दू नामकी उत्पत्ति १३
सिन्धुओंके प्रदेशसे हटकर गंगा-तटके प्रदेशमें आ गया और
सप्तसिन्धु, आर्यावर्त, या दक्षिणापथ—ये नाम दब गये तथा उनके
स्थानमें भरतखंड नाम प्रचलित हुआ जो राजनीतिके विचारसे
बड़ा ही भव्य नाम था और जिसमें आसेतु हिमाचल समस्त देश-
का अन्तर्भाव होता था। हमारे राष्ट्रकी परिभाषा करनेका जो
प्रयत्न उस समय किया गया है जब राष्ट्रकी यह भव्य भावना
हमारे पूर्वाचार्योंके अन्तःकरणमें उदय हो रही थी, उससे यह
बात स्पष्ट हो जाती है। एक राष्ट्रके नाते हमारी स्थितिकी
जैसी उत्तम व्याख्या विष्णुपुराणमें है, वैसी अन्यत्र कहीं नहीं
मिलती। विष्णुपुराणमें है—
उत्तरंयत्समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्।
वर्षं तद्भारतं नाम भारती यत्र संततिः॥
परन्तु यह नवीन भारतवर्ष नाम हमारे पालनेका सिन्धु या
हिन्दू नाम बिलकुल ही दबा नहीं सका, न हमसे वह प्रेम ही
भुला सका जो उस महा नदी सिन्धुपर हमारा था, जिसकी
गोदमें बैठकर हमारे पूर्वाचार्यों और पूर्वजोंने उसके स्तनसे
जीवन-रसका पान किया था। सिन्धु-नदीके किनारे-किनारे
हमारे जो सीमा-प्रान्त थे उनका नाम अब भी सिन्धुराष्ट्र रहा।
और संस्कृत-साहित्यमें सर्वत्र “सिन्धुसौवीर” हमारे राष्ट्रके
अन्तर्गत और प्रधान अंगस्वरूप माने गये हैं। महाभारतके
उस महान् भारतीय युद्धमें सिन्धुसौवीरका राजा एक