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सर्वकोश
हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)

हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)

Hindutva: Who is a Hindu? by Veer Savarkar

स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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पृष्ठ 17

Uploaded By Rajesh Tanti.
हिन्दुत्व
( १ )
हिन्दू नाममें क्या है ?
हम हिन्दू हैं और हिन्दू ही बने रहना चाहते हैं।
हिन्दू नामके साथ हमारी यह आसक्ति देखकर कुछ लोग,
वेरोनाकी उस रूपवती कन्याके समान, जिसने अपने प्रेमीसे प्रेमके
नामपर अपना नाम बदल देनेकी याचना की थी, उसीके मुखसे
निकले हुए उद्गार इस प्रकार दोहरा सकते हैं कि, "नाममें क्या
है ? नाम हाथ नहीं है, पैर नहीं है, बाँह नहीं है, चेहरा नहीं हैं,
मनुष्य-शरीरका कोई अवयव नहीं है; फिर इसमें है ही क्या जो
हम इस नामकी पूजा करें—उसे छोड़ न सकें ! वस्तु है तो
नामकी क्या परवा ? गुलाबको गुलाब न कहकर उसे और
किसी नामसे पुकारें तो इससे उसकी सुगन्ध तो कहीं नहीं
जाती !” एक ही वस्तु है, पर भिन्न-भिन्न भाषाओंमें उसके भिन्न-
भिन्न नाम हैं। इसीसे यह सन्देह दूर हो जाता है कि शब्द विशेष
और उससे निकलनेवाले अर्थका परस्पर कोई स्वाभाविक अवि-
च्छिन्न सम्बन्ध है। परन्तु वस्तु और वस्तुवाचक शब्दका पर-
स्पर सम्बन्ध जितना ही दृढ़ और पुराना होता है उतना ही उस
शब्द और उसके अर्थका परस्पर सम्बन्ध अविच्छिन्न हो जाता है।