हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)
Hindutva: Who is a Hindu? by Veer Savarkar
स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंUploaded By Rajesh Tanti.
॥४॥
देख लें तथा हिन्दू-संस्कृति के इन्दुवत सुशीतल स्वच्छ प्रकाश का
आनन्द लें । हिन्दू जैसे पहले थे, वैसे फिर हो जायं । हिन्दुत्व
ही हिन्दू-जातिका प्राण है और यह प्राण ही संघटन का आधार
है । इसलिये जिस लेखक ने हिन्दुत्व के लक्षण बतलानेवाली यह
शास्त्रीय पुस्तक लिखी है उसने सचमुच ही हिन्दू-संघटनकी
आधारभूमि ही दिखा दी है। आओ, इस आधारभूमिपर हम
आप खड़े हो जायं, हिन्दुत्व के झंडे के नीचे एक हो जायं, और
इस स्मृतिवचन को सार्थक करें कि,
येनास्य पितरो याता येन याताः पितामहाः
तेन यायात्सतां मार्गं तेन गच्छन्न रिष्यते।
-लक्ष्मणनारायण गर्दे
सूचना—मूल पुस्तककी भाषा बहुत ही सुन्दर और ओजस्विनी है।
भाषान्तरमें जो कोई दोष हों वे मेरे हैं और गुण मूल ग्रन्थकारके। प्रथम
अध्यायके भाषान्तरमें वह अंश निकाल दिया गया है जिसमें "हिन्दुइज्म"
शब्दका ही विचार है; क्योंकि भाषांतरमें इस शब्दके विचारकी कोई आव-
श्यकता भाषांतरकारको नहीं प्रतीत हुई। अन्य सब अध्यायोंका संपूर्ण
भाषांतर है। पुस्तकके प्रत्येक अध्यायपर जो शीर्षक है वह मूल पुस्तकमें
नहीं है । शीर्षक बैठानेमें जो कोई दोष हुआ हो, वह मेरा है।
ल० ना० गर्दे