हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)
Hindutva: Who is a Hindu? by Veer Savarkar
स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें१४६ हिंदुत्व
हिन्दू ही एक ऐसी जाति है जिसे यह आदर्श स्थिति प्राप्त
है। चीनियोंको भी यह अवस्था नसीब नहीं हुई। केवल अरब
और फिलस्तीन—यदि कभी यहूदी वहां अपना राज कायम कर
सके तो—इस अवस्थाको प्राप्त कर सकते हैं। परंतु किसी जाति-
को गौरवान्वित करनेवाली जो प्राकृतिक, सांस्कृतिक, ऐतिहा-
सिक तथा ऐसी ही अन्य बातें हैं, उनका तो अरबमें प्रायः
अकाल ही है और यदि कभी फिलस्तीनमें यहूदियोंका राज्य
हुआ जिसका कि वे स्वप्न देख रहे हैं और जिसमें उनके साथ
हमारी सहानुभूति है, तौभी वहां इन बातोंका तो अभाव ही
रहेगा।
इंग्लैंड, फ्रान्स, जर्मनी, इटली, तुर्की, ईरान, जापान,
अफगानिस्तान, वर्त्तमान, मिस्र (वर्त्तमान इसलिये कि “पंटो” की
पुरानी संतति और उनका मिस्र तो बहुत पहले ही नष्ट हो चुके
हैं), और अन्य राज्य, मेक्सिको, पेरू, चिली और कहां तक
गिनावें, ये सब देश जातिके नाते कुछ या बहुत कुछ एक होने-
पर भी दैशिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और संख्याबलके
विचारसे, हम हिन्दुओंके मुकाबले बहुत ही क्षुद्र हैं। उसमें भी
यह तो उन्हें नसीब ही नहीं कि उनकी मातृभू और पुण्यभू एक
ही हो। अब रहे-सहे देशोंमें एक रूस और दूसरा अमेरिकाका
राज्यसंघ ये दो देश भौगोलिक दृष्टिसे हमारे देशके समान होने-
पर भी राष्ट्रीयताकी अन्य बातोंमें हमसे बहुत ही हीन हैं ।
अभी जो राष्ट्र जीवित हैं उनमें एक चीन राष्ट्र ही ऐसा है जो