हिन्दुत्व: हिन्दू कौन है? (स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर - रत्नागिरि जेल में रचित वैचारिक ग्रन्थ)
Hindutva: Who is a Hindu? by Veer Savarkar
स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें८४ हिन्दुत्व
स्त्रीसे किसी क्षत्रिय पुरुषके सन्तान हो तो वह सन्तति "उग्र"
जातिकी होती है। उसी प्रकार यदि किसी उग्रा स्त्रीसे क्षत्रियके
पुत्र हो तो वह श्वपच जातिका होता है। ब्राह्मणी माता और शूद्र
पितासे उत्पन्न पुत्र चांडाल होता है। सत्यकाम जाबालिकी
वैदिक कथासे महादजी शिन्देतक हमारे इतिहासका प्रत्येक पृष्ठ
यही बतलाता है कि हमारे रक्तकी गङ्गा कालके उच्चातिउच्च
वैदिक शिखरसे निकलकर आधुनिक इतिहासके मैदानमें बरा-
बरसे प्रवाहित होती चली आ रही है और इस प्रकार प्रवाहित
होनेमें उसने अन्य अनेक प्रवाहोंको अपने अन्दर मिला लिया है,
कितने ही पतितोंको पावन किया है; विस्तार, गांभीर्य और सम्प-
न्नतासे प्रतिदिन बढ़ती हुई इस गङ्गाने किसी जङ्गल या मरुभूमि-
में लुप्त हो जानेके भयको पार किया है और इस प्रकार पहलेसे
अधिक शुद्धता और अधिक वेगके साथ आज वह अखण्डरूपसे
बह रही है। अपने अन्दर जो जो कुछ ऊसर और दरिद्र था उसे
उपजाऊ और समृद्ध बनानेके लिये और अपने अन्दर जो जो कुछ
उत्पादक और सम्पन्नकारक था उसकी वृद्धि जारी रखनेके
लिये जो जो साधन हमारे उदात्तचरित और देशभक्त पूर्वजोंको
आवश्यक प्रतीत हुए उन उन साधनोंसे इस पावन प्रवाहका
मार्ग उन्होंने जातिभेद संस्थासे प्रशस्त किया था। जातिभेद
संस्थाके द्वारा यही काम हुआ है।
यह बात केवल चातुर्वर्ण्यके चार प्रधान वर्णोंके संमिश्र
विवाहोंसे उत्पन्न उपजातियोंके सम्बन्धमें या इन [मुख्य] जातियों