हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)

हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)
Hastyayurveda Gajashastra of Palakapya Muni with Commentary
पालकाप्य मुनि (सम्पादक: पं. शिवदत्त शर्मा) द्वारा
DevanagariHindipublished742 पृष्ठ
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L) प (L) ज्ञो (G) गु (L) रु (L) ...
Wait:
1: तस् (G)
2: माद् (G)
3: द्वि (L) - wait, followed by प, so द्वि is L.
4: प (L) - wait, ज्ञ is jña, a conjunct! So प before ज्ञ is GURU (G)!
So:
1: तस् (G)
2: माद् (G)
3: द्वि (L)
4: प (G)
5: ज्ञो (G)
6: गु (L)
7: रु (L)
8: MUST BE GURU (G)!
9: MUST BE LAGHU (L)!
10: MUST BE GURU (G)!
11: MUST BE GURU (G)!
Pattern for syllables 8, 9, 10, 11:
G L G G (- u - -)!
Let's check वात्सखिन्नः:
8: वात् (G) - YES!
9: स (L) - YES!
10: खिन् (G) - YES!
11: नः (G) - YES!
IT IS वात्सखिन्नः or भक्तियुक्तः?
IT IS वात्सखिन्नः!
Wait, but is it वात्सखिन्नः?
Wait! वा त्स `