हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)

हस्त्यायुर्वेद: गजशास्त्र (पालकाप्य मुनि - सम्पूर्ण गज-चिकित्सा, शरीर-रचना एवं मत्त-गज प्रबन्धन)
Hastyayurveda Gajashastra of Palakapya Muni with Commentary
पालकाप्य मुनि (सम्पादक: पं. शिवदत्त शर्मा) द्वारा
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हस्त्यायुर्वेदाध्यायविषयानुक्रमे—
[वामभागः / Left Column]
| विषयाः | अ० |
|---|---|
| गद्दनारामवृक्षनदीसरोदिगाकाशादीनां वस- | |
| न्तादिषडृतुभेदेन सौन्दर्यवर्णनं करेण्वा | |
| सह गजकृतवन्यविलासादिवर्णनं च ... | १३ |
| पञ्चविधविसर्परोगस्योत्पत्तिनिदानकथन- | |
| मसाध्यत्वकथनं च... ... ... | १४ |
| हृद्यस्फालीरोगस्योत्पत्तिनिदानकथनम्- | |
| साध्यत्वकथनम् ... ... ... | १५ |
| वालक्षणीरोगस्यान्र्वथनामताया दोषजा- | |
| गन्तुकभेदद्वयस्य च कथनम् , द्विविधवाल- | |
| क्षणीरोगस्योत्पत्तिनिदानचिकित्सासाध्यासा- | |
| ध्यत्वकथनम् ... ... ... | १६ |
| मेढ्रक्षणीरोगस्य दोषजागन्तुकभेदद्वय- | |
| कथनं निदानोत्पत्तिचिकित्साकथनमुपेक्षणा- | |
| त्राणहरत्वकथनं च । हस्तग्रहणरोगस्यो- | |
| त्पत्तिनिदानचिकित्सासाध्यासाध्यत्वकथनम् | १७ |
| हस्तोन्मथितरोगस्योत्पत्त्यसाध्यत्वकथनं | |
| निदानषट्कभेदेन मरणादिनावधिकथनं च | १८ |
| उदावर्तरोगस्योत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम् | १९ |
| उत्कर्णकरोगस्योत्पत्तिकथनं वातपित्तक- | |
| फजभेदेन तन्निदानचिकित्साविशेषकथनं च | २० |
| वातगतिरोगस्योत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम् | २१ |
| मन्याग्रहरोगस्योत्पत्तिनिदानचिकित्सक- | |
| थनं विगतमन्याग्रहकर्त्तव्यघृतपानादिकथनं च | २२ |
| मदक्षयस्योत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम् | २३ |
| कृशत्वोत्पत्तिचिकित्साकथनम्... ... | २४ |
| बलक्षयोत्पत्तिचिकित्साकथनम् ... ... | २५ |
| श्लेष्माभिषङ्गनिदानचिकित्साकथनम् ... | २६ |
| मुखद्वारविशोधनस्य वृनसात्म्यानुलोमि- | |
| कचिकित्साकथनम् ... ... ... | २७ |
| तलकाशीरोगस्योत्पत्तिनिदानकथनं तल- | |
| कर्मकालप्रकारादिकथनं च ... ... | २८ |
| तलकाशीरोगस्य चिकित्सादिकथनम् ... | २९ |
| गलग्रहरोगस्योत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम् | ३० |
| लषणादितनिदानादिकथनं सिद्धार्थकरो- | |
| गस्य निदानचिकित्साकथनं च ... ... | ३१ |
| भूतग्रहप्रवेशसमयकारणादिकथनं कामा- | |
| ख्यारतिकादिग्रहाविष्टानां प्रत्येकं लक्षणक- | |
| थनं कामाख्यादिग्रहत्रितयप्रवेशजपीडापरि- | |
| हारकथनं सामान्यभूतग्रहप्रविष्टलक्षणक- |
[दक्षिणभागः / Right Column]
| विषयाः | अ० |
|---|---|
| थनं मन्त्रबलिपूजादिभिर्भूतग्रहपरिहारप्रका- | |
| रकथनं च... ... ... ... | ३२ |
| उन्मादस्य निदानचिकित्साकथनम् ... | ३३ |
| अपस्मारग्रहस्य निदानकथनं नवग्रहो- | |
| न्मादग्रहचिकित्साप्रकारेण वर्षस्यान्तःप्रसा- | |
| धनकथनं परतो निष्प्रतिक्रियत्वकथनं च... | ३४ |
| वातकुण्डलीरोगस्योत्पत्तिनिदानचिकि- | |
| त्साकथनमन्योक्तापरिहार्यत्वकथनं च ... | ३५ |
| भारोन्मथननिदानचिकित्साकथनम् | ३६ |
| लुप्तरोगोत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम्... | ३७ |
| पत्रकृमिरोगोत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम् | ३८ |
| उरःक्षतरोगोत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम् | ३९ |
| शोणिताण्डरोगोत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम् | ४० |
| यवगण्डशिराभिधपादरोगस्योत्पत्तिनिदा- | |
| नचिकित्साकथनमन्यत्रिंशत्पादरोगपेक्ष्यऽ- | |
| स्य कष्टदालत्वकथनमुत्पन्नमात्रस्य साध्यत्व- | |
| कथनं कालातिक्रमेऽसाध्यत्वकथनं च ... | ४१ |
| चर्मकीलोत्पत्तिचिकित्साकथनम् ... | ४२ |
| वृद्धिकित्साकथनम् ... ... ... | ४३ |
| अवसानहेतुचिकित्साकथनम् ... ... | ४४ |
| जठरकरोगोत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनम् | ४५ |
| बाल्ये गृहीतस्य पोषणप्रकारकथनम्... | ४६ |
| रात्रिक्षिप्तरोगस्योत्पत्तिनिदानचिकित्सा- | |
| कथनं तदुत्पत्तिसमकालं रक्षोपह्रादिकृतपी- | |
| डाकथनं तन्निवृत्त्यर्थं मन्त्रपठनहवनब्राह्मण- | |
| भोजनादिकरणकथनं च ... ... | ४७ |
| मूत्रसङ्गरोगस्य भिन्नबस्त्याद्यनेकभेदक- | |
| थनं प्रत्येकं तदुत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनं , | |
| भिन्नबस्तेरसाध्यत्वकथनं संनिपातसमुत्थ- | |
| स्यान्योक्तापरिहार्यत्वकथनं च ... | ४८ |
| सूतिकावातसमुत्थव्यापन्निदानचिकित्सा- | |
| कथनम् ... ... ... ... | ४९ |
| दन्तरोगस्य दोषजादिभेदचतुष्टयकथनं | |
| तत्सामान्यलक्षणकथनं प्रत्येकमुत्पत्तिनिदान- | |
| चिकित्साकथनं साध्यासाध्यलक्षणकथनं च। | |
| दोषजदन्तरोगस्य वातसमुत्यादिभेदकथनं | |
| प्रत्येकमुत्पत्तिनिदानचिकित्साकथनं दन्तपा- | |
| तनप्रकारकथनं च ... ... ... | ५० |
| चेतोभ्रंशनस्योत्पत्तिनिदानचिकित्साकथन- |