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गोपथ ब्राह्मण (अथर्ववेद - क्षेमकरणदास त्रिवेदी हिन्दी भाष्य)

गोपथ ब्राह्मण (अथर्ववेद - क्षेमकरणदास त्रिवेदी हिन्दी भाष्य)

Gopatha Brahmana with Hindi Bhashya by Pt. Kshemkarandas Trivedi

महर्षि गोपथ / पं. क्षेमकरणदास त्रिवेदी द्वारा

स्रोत: चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · चौखम्बा संस्कृत प्रतिष्ठान · 1950 (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished600 पृष्ठ

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पृष्ठ 591

उत्क्रान्तिरसि ( ५५३ ) चन्द्रमा अप्स्वन्त
भाग, भाग,
मन्त्र आदि प्रपाठक, पृष्ठ मन्त्र आदि प्रपाठक पृष्ठ
कण्डिका कण्डिका
उत्क्रान्तिरसि उ २, १४ ३४० एवा पाहि प्रत्नथा उ २, २१ ३५४
उदप्रुतो न वया उ ४, १६ ४४४ एवेदिन्द्रं वृषणं वज्र उ ४, २ ४१६
उदिन्वस्यरिच्य उ ४, ३ ४१८ एवेदिन्द्रं वृषणं वज्र उ ६, ५ ५०६
उदुत्ये मधुमत्तमा उ ४, २ ४१५ एह्यू षु ब्रवाणि ते उ ४, ११ ४३४
उदु ब्रह्माण्यैरत उ ४, २ ४१६ एह्यू षु ब्रवाणि ते उ ४, १५ ३३८
उदु ब्रह्माण्यैरत उ ६, १ ४६३ ओ
उदु ब्रह्माण्यैरत उ ६, २ ४१५ ओजोऽसि पितृभ्य उ २, १३ ३३७
उदुस्रियाः सृजते उ ५, ३ ४५६ ओम्भ्यादाने पू १, २७ ४६
उद् गा आजदङ्गिरो उ ५, १३ ४८३ ओं भुवोजनत् उ २, १४ ३४०
उद् घेदभि श्रुता उ ३, १४ ३६१ ओं मूर्जनत् उ २, १४ ३४०
उद्बुध्यस्वाग्ने उ १, ४ २७० ओं भूर्भुवः स्वर्जनत उ २, १४ ३४१
उपद्रष्ट्रे नमः उ २, १६ ३४७ ओं स्वर्जनत् उ २, १४ ३४०
उपनीय तु यः शिष्यं पू २, १ ७७ क
उपश्रोत्रे नमः उ २, १६ ३४८ कः सप्त खानि पू १, ३६ ७४
उपास्मै गायता नरः उ ३, १२ ३८५ कथं गायत्री त्रिवृ पू १, २१ ३६
उभा जिरयथुनं परा उ ४, १७ ४४८ कथा महामवृधत् उ ६, १ ४६२
उरुं नो लोकमनुनेषि उ ६, ४ ५०४ कद्रव्यो अतसीनां उ ६, ३ ५०१
उशन्नु षु णः उ ४, १ ४१२ कदू न्वस्याकृत उ ६, ३ ५०१
उशिगसि उ २, १३ ३३७ कया त्वं न ऊत्या उ ४, १ ४१२
ऋ कया नश्चित्र उ ४, १ ४११
कस्तमिन्द्र त्वा उ ४, १ ४१२
ऋचो अक्षरे परमे पू १, २२ ३६ कस्तमिन्द्र त्वा उ ६, ३ ५०१
ऋजीषी वज्री वृप उ ४, २ ४१६ किमित्ते विष्णो परि उ ५, ८ ४७३
ऋजुनीती नो वरुणो उ ५, १२ ४८० कुह स्विद् दोषा पू ३, १२ १५६
ऋतुर्जनित्री तस्या उ ४, १७ ४४७ को अद्य नर्यो दे उ ६, २ ४६७
ए ग
एकपाद् द्विपदो भूयो पू २, ६ ६६ गोमूत्रं गोमयं पू २, २२ १२६
एतन्नो गोपाय उ ४, ६ ४२८ च
एना वो अग्निं नमसो उ ५, ३ ४५६
एवा त्वामिन्द्र वज्रि उ ४, १ ४१२ चक्षुः श्रोत्रं यशो पू २, ८ ६२
एवा त्वामिन्द्र वज्रि उ ४, २ ५०३ चत्वारि शृङ्गा पू २, १६ १०६
एवा त्वामिन्द्र वज्रि उ ६, १ ४२२ चन्द्रमा अप्स्वन्त पू २, ६ ६७