गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation
महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा
पृष्ठ 64, कुल 421 में से
संदर्भ में पढ़ें१० ] गणितसारसंग्रहः [ २. २-
अत्रोद्देशकः
दत्तान्येकैकस्मै¹ जिनभवनेऽम्बुजानि तान्यष्टौ । वसतीनां चतुरुत्तरचत्वारिंशच्छतायै कति ॥२॥
नव पद्मरागमणयः समर्चिता एकजिनगृहे दृष्टाः । साष्टाशीतिद्विशतीमितवसतिषु ते कियन्तः स्युः ॥३॥
चत्वारिंशच्चैकोनशताधिकपुष्यरागमणयोऽर्च्याः⁵ ।
एकस्मिन् जिनभवने सनवशते ब्रूहि क॑ति मणयः ॥ ४ ॥
पद्मानि सप्तविंशतिरेकस्मिन् जिनगृहे प्रदत्तानि ।
साष्टानवतिसहस्रे सनवशते तानि कति कथय ॥ ५ ॥
⁷एकैकस्यां वसातावष्टोत्तरशतसुवर्णपद्मानि । एकाष्टचतुः सप्तकनवषट्पञ्चाष्टकानां किम् ॥ ६ ॥
शशिवसुखरजलनिधिनवपदार्थभयनयसमूहमास्थाप्य ।
हिमकरविषनिधिगतिभिर्गुणिते किं ¹⁰राशिपरिमाणम् ॥ ७ ॥
हिमगुपयोनिधिगतिशशिवह्नित्रतनिचयमत्र संस्थाप्य¹⁴ ।
सैकाशीत्या त्वं¹² मे गुणयित्वाचक्ष्व¹³ तत्संख्याम् ॥ ८ ॥
अग्निवसुखरभयेन्द्रियशशलाञ्छनराशिमत्र संस्थाप्यै¹¹ ।
रन्ध्रैर्गुणंयित्वा मे कथय सखे राशिपरिमाणम् ॥ ९ ॥
१ B स्य हिं । २ B नस्या । ३ B शतस्य कति भवनानाम् । ४ M B चत्वारिंशद्वयका
शताधिका । ५ M ऽच्छाः । ६ M ते कियन्तस्स्युः । ७ M एकैकजिनालयाय दत्तानि । ८ M प्रयुक्त-
नवशतगृहाणां किम् । ९ ( यह श्लोक केवल M और B में प्राप्य है) । १० M और B किन्तस्य ।
११ M प्यम् । १२ M अहो । १३ M मे शीघ्रम् । १४ B विन्यस्य ।
उदाहरणार्थ प्रश्न
प्रत्येक जिनमन्दिर में आठ-आठ कमल पुष्प चढ़ाये गये । बतलाओ कि १४४ मंदिरों को कितने
दिये गये ? ॥ २ ॥ नौ पद्मराग मणि केवल एक जिनमन्दिर में पूजन में अर्पित किये हुए देखे जाते हैं ।
२८८ मंदिरों में (उसी दर से) कितने अर्पित किये गये ? ॥ ३ ॥ एक जिनमंदिर में १३९ पुष्यरागमणि
पूजन में भेंट किये जाते हैं । बतलाओ, १०९ मंदिरों में कितने मणि भेंट किये गये ? [ मूल गाथा
में १३९ को १०० + ४० - १ रूप में लिखा हुआ है ] ॥ ४ ॥ २७ कमल के फूल एक जिनमंदिर में
भेंट किये गये । बतलाओ कि इस दर से १९९८ मंदिरों में कितने कमल भेंट किये गये ? [ मूल गाथा
में १९९८ को १०९८ + ९०० लिखा है ] ॥ ५ ॥ प्रत्येक मंदिर को १०८ स्वर्ण कमल भेंट की दर
से, ८५६९७४८१ मंदिरों में कितने दिये जायेंगे ? ॥ ६ ॥ १, ८, ६, ४, ९, ९, ७ और २ अंकों को
इकाई के स्थान से लेकर ऊपर के स्थानों तक रखने से बनाई गई संख्या को ४४१ से गुणित करने पर
क्या फल प्राप्त होगा ? ॥ ७ ॥ इस प्रश्न में, १, ४, ४, १, ३ और ५ अंकों को इकाई के स्थान से
लेकर ऊपर के स्थानों तक रखकर, प्राप्त की हुई संख्या को ८१ से गुणित करो और बतलाओ कि कौन
सी संख्या प्राप्त होगी ? ॥ ८ ॥ इस प्रश्न में १५७६८३ संख्या लिखकर उसे ९ से गुणित करो और तब,
हे मित्र ! मुझे बतलाओ कि गुणनफल राशि क्या होगी ? ॥ ९ ॥ इस प्रश्न में १२३४५६७९ संख्या को
९ से गुणित करते हैं । यह गुणनफल राशि आचार्य महावीर के कथनानुसार, नरपाल के कण्ठ आभरण