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गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

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पृष्ठ 379

४४ गणितसारसंग्रह
शब्द सूत्र अध्याय पृष्ठ स्पष्टीकरण अभ्युक्ति
तमाल ३९ ४ ७४ वृक्ष का नाम । Xantho-
chymus
ताली ११६ १/२ ६ ११९ वृक्ष का नाम Pictorius
तिलक २६ ४ ७२ सुन्दर पुष्पों वाला वृक्ष ।
तीर्थ १ ६ ९१ उथला स्थान जहाँ से नदी आदि को
पार कर सकते हैं ।
तीर्थंकर १ ६ ९१ तीर्थों को उत्पन्न करनेवाली, चार-
घातिया कर्मों का नाशकर अर्हंत पद
से विभूषित आत्मा ।
तुला ४४ १ ६ कुप्य ( Baser ) धातुओं का भार
माप ।
त्रसरेणु २६ १ ४ कण । क्षेत्रमाप ।
त्रिप्रश्न १२ १ २ संस्कृत ज्योतिष ग्रंथों के किसी अध्याय
का नाम ।
त्रिसमचतुरश्र ५ ७ १८१ तीन समान भुजाओं वाला चतुर्भुज
क्षेत्र ।
दण्ड ३० १ ४ दूरी की माप । परिशिष्ट ४ की
सूची १ देखिये ।
दश ६३ १ ८ संकेतना का दसवाँ स्थान ।
दश कोटि ६५ १ ८ दस करोड़ ।
दश लक्ष ६४ १ ८ दस लाख ( One million ) ।
दश सहस्र ६४ १ ८ दस हजार ।
द्विरग्र शेषमूल ३ ४ ६८ भिन्नो के विविध प्रश्नों की एक जाति ।
द्विसम त्रिभुज ५ ७ १८० दो समान भुजाओं वाला (समद्विबाहु)
त्रिभुज क्षेत्र ।
द्विसम चतुरश्र ,, ,, १८० दो समान भुजाओं वाला चतुर्भुज क्षेत्र ।
द्वि द्विसम चतुरश्र ,, ,, १८० आयत क्षेत्र ।
दीनार ४३ १ ६ कुप्य धातुओं का भार माप । टंक- परिशिष्ट ४ की
( सिक्के ) का नाम भी दीनार है । सूची ६ देखिये ।
दृष्ट धन ८४ २ २६ ज्ञात धन
द्रक्षूण ४३ १ ६ कुप्य धातुओं ( Baser metals ) ,, ,,
का भार माप ।
द्रोण ३७ १ ५ धान्य सम्बन्धी आयतन माप परिशिष्ट ४ की
सूची ३ देखिये ।
धनुषाकार क्षेत्र ४३ ७ १९० वृत्त के चाप एवं चापकर्ण से सीमित क्षेत्र ॥