गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation
महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा
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गणितसारसंग्रह ५
| शब्द | सामान्य अर्थ | संख्या अभिधान | उद्गम |
|---|---|---|---|
| दुर्गा | पार्वती का अवतार<br>Name of Manifestation of Parvati or Durga. | ९ | दुर्गा के ९ अवतार माने जाते हैं । |
| दिक् | दिशा बिन्दु Quarter or a cardinal point of the universe. | ८ | लोक में आठ दिशाबिन्दु माने जाते हैं । |
| दिक् | दिशाएँ Directions | १० | दस दिशाओं की मान्यता इस प्रकार है कि चार दिशाएँ, चार विदिशाएँ तथा अधो और ऊर्ध्व दिशाएँ मिलकर दस दिशाएँ होती हैं । |
| दिक् | आकाश Sky | ० | अनन्त देखिए । |
| दृक् | आँख The eye | २ | अक्षि देखिए । |
| दृष्टि | ” ” ” | ” | ” ” |
| द्रव्य | द्रव्य का लक्षण सत् है और जो उत्पत्ति, विनाश और ध्रौव्यता सहित है वह सत् है । Elementary substance whose characteristic is existence implying manifestation , disappearance & permanence. | ६ | जिनागम के अनुसार ६ द्रव्य हैं: जीव, धर्म, अधर्म, पुद्गल, काल और आकाश । |
| द्विप | हाथी<br>An Elephant | ८ | इभ देखिए । |
| द्विरद | ” | ” | ” |
| द्वीप | पृथ्वी में स्थित पौराणिक द्वीप विभाग<br>A puranic insular division of the terrestrial world. | ७ | इनके सात विभाग हैं : जम्बू, प्लक्ष, शाल्मली, कुश, क्रौञ्च, शाक, पुष्कर । |