गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation
महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें६ गणितसारसंग्रह
शब्द | सामान्य अर्थ | संख्याभिधान | उद्गम
धातु | शरीर के सरंचक | ७ | सप्त धातुएँ ये हैं—रस ( Chyle ), रक्त, मांस,
| अवयव Constituent | | चर्बी, अस्थि, मज्जा, वीर्य ।
| principles of | |
| the body. | |
धृति | छंद के एक विभेद | १८ | इस छंद में श्लोक के प्रत्येक पद में १८ अक्षर
| का नाम Name of | | रहते हैं ।
| a kind of metre. | |
नग | पर्वत | ७ | अचल देखिए ।
| Mountain | |
नन्द | राजाओं के वंश का नाम | ९ | कहा जाता है कि मगध में ९ नन्द राजाओं ने राज्य
| Name of a dyna- | | किया ।
| sty of kings | |
नभस् | आकाश Sky | ० | अनन्त देखिये ।
नय | वस्तु के एक अंश ग्रहण | २ | जिनागम में मुख्यतः दो नयों का निरूपण है : द्रव्यार्थिक
| करने वाला ज्ञान | | नय और पर्यायार्थिक नय ।
| Method of | |
| Comprehending | |
| things from | |
| particular stand- | |
| points. | |
नयन | आँख The eye | २ | अक्षि देखिए ।
नाग | हाथी An elephant | ८ | इभ देखिए ।
निधि | खजाना Treasure | ९ | कुबेर के पास नव प्रसिद्ध निधियाँ मानी जाती हैं :
| | | पद्म, महापद्म, शङ्ख, मकर, कच्छप, मुकुन्द, कुन्द,
| | | नील, खर्व । जिनागम में चक्रवर्ती के भी इनसे भिन्न नव-
| | | निधियों का उल्लेख है ।
नेत्र | आँख The eye | २ | अक्षि देखिए ।
पदार्थ | वस्तुओं के विभेद | ९ | जिनागम में सात तत्व तथा पुण्य और पाप ये दो
| Category of | | मिलकर नव पदार्थ होते हैं । तत्व देखिए ।
| things | |