गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation
महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंगणितसारसंग्रह ३
शब्द | सामान्य अर्थ | संख्या अभिधान | उद्गम
करिन् | हाथी An elephant | ८ | इभ देखिए ।
कर्मन् | कर्म अथवा कार्य करने | ८ | जैन धर्म के अनुसार आठ प्रकार के कर्म ( प्रकृतिबंध )
| का प्रभाव Action : | | होते हैं, अर्थात्, ज्ञानावरणीय, दर्शनावरणीय, मोहनीय,
| the effect of | | अन्तराय, वेदनीय, नामिक, गोत्रिक और आयूष्क ।
| action as its | |
| karma | |
कलाधर | चन्द्रमा The moon | १ | इन्दु देखिए ।
कषाय | संसारी वस्तुओं में आसक्ति | ४ | जैन धर्म के अनुसार कर्मों के आस्रव का एक भेद कषाय
| Attachment to | | है, जिसके चार प्रकार हैं, अर्थात्, क्रोध, मान, माया
| worldly objects | | और लोभ ।
कुमारवदन | कुमार अथवा हिंदू युद्ध- | ६ | यह युद्धदेव छः मुखोंवाला माना जाता है ।
| देव के मुख The | | षण्मुख देखिये ।
| faces or Kumāra | |
| of the Hindu | |
| war-god | |
केशव | विष्णु का एक नाम A | ९ | उपेन्द्र देखिए ।
| name of Viṣṇu | |
क्षपाकर | चन्द्रमा The moon | १ | इन्दु देखिए ।
ख | आकाश Sky | ० | अनन्त देखिए ।
खर | | ६ |
गगनं | आकाश Sky | ० | अनन्त देखिए ।
गज | हाथी Elephant | ८ | इभ देखिए ।
गति | पुनर्जन्म का मार्ग | ४ | जैन धर्म के अनुसार संसारी जीव चार गतियों में जन्म लेते
| Passage into | | हैं, अर्थात्, देव, तिर्यञ्च, मनुष्य, नरक । पिथेगोरस का
| rebirth | | Tetractys इससे तुलनीय है ।
गिरि | पर्वत Mountain | ७ | अचल देखिए ।
गुण | गुण Quality | ३ | आदि पदार्थ में तीन गुण माने जाते हैं, अर्थात्, सत्त्व,
| | | रजस्, तमस् ।
ग्रह | ग्रह A planet | ९ | हिन्दू ज्योतिष में ९ प्रकार के ग्रह माने जाते हैं, अर्थात्,
| | | मंगल, बुध, बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, केतु, सूर्य और
| | | चन्द्रमा ।
चक्षुस् | आँख The eye | २ | अक्षि देखिए ।