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गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 337, कुल 421 में से

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२ गणितसारसंग्रह

शब्दसामान्य अर्थसंख्या अभिधानउद्गम
अम्बुधिमहासागर The ocean४अब्धि देखिए ।
अम्भोधिमहासागर The ocean४अब्धि देखिए ।
अश्वघोड़ा A horse७सूर्य के रथ में ७ घोड़े माने जाते हैं ।
अश्विन्घोड़े सहित Consi-७अश्व देखिए ।
ting of horse
आकाशआकाश The sky०अनन्त देखिए ।
इनसूर्य The sun१२वर्ष के बारह माहों के संवादी सूर्यों की संख्या १२ होती
है; अर्थात् , धातृ, मित्र, अर्यमन्, रुद्र, वरुण, सूर्य, भग,
विवस्वत्, पूषन्, सवितृ, त्वष्टृ और विष्णु । ये बारह
आदित्य कहलाते हैं ।
इन्दुचन्द्रमा The moon१पृथ्वी के लिये केवल एक चन्द्रमा है ।
इन्द्रइन्द्र देवता The god१४चौदह मन्वन्तरों में से प्रत्येक के लिये १ इन्द्र की दर से
Indraचौदह इन्द्र होते हैं ।
इन्द्रियइन्द्रिय An organ५इन्द्रियां पांच प्रकार की होती हैं, आँख, नाक, जीभ, कान
of senseऔर शरीर ( स्पर्शन ) ।
इभहाथी An elephant८संसार की आठ दिशा विदिशाओं की रक्षा आठ हाथी करते
हुए कहे जाते हैं । वे ऐरावत, पुण्डरीक, वामन, कुमुद,
अञ्जन, पुष्पदन्त, सार्वभौम और सुप्रतीक हैं ।
इषुधनुष An arrow५मन्मथ के पाँच बाण माने जाते हैं, अर्थात्, अरविन्द, अशोक,
चूत, नवमल्लिका और नीलोत्पल ।
ईक्षणआँख The eye२अक्षि देखिए ।
उदधिमहासागर४अब्धि देखिए ।
The ocean
उपेन्द्रभगवान् विष्णु९विष्णु के ९ अवतार माने जाते हैं ।
God Viṣṇu
ऋतुऋतु A season६संस्कृत साहित्य के अनुसार वर्षा में ६ ऋतुएँ होती हैं,
अर्थात् , वसन्त, ग्रीष्म, वर्षा, शरद्, हेमन्त, शिशिर ।
करहाथ The hand२मानव के दो हाथ होते हैं ।
करणीयजो किये जाते हैं, व्रत५जैन धर्म के अनुसार पाँच प्रकार के व्रत होते हैं, अर्थात् ,
That which hasअहिंसा, अनृत, अस्तेय, ब्रह्मचर्य और अपरिग्रह ।
to be done : an
act of devotion
or austerity