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गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 336, कुल 421 में से

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पृष्ठ 336

परिशिष्ट १

संख्याओं का अभिधान करनेवाले सामान्य और संख्यात्मक अर्थबोधक संस्कृत शब्द

शब्दसामान्य अर्थसंख्या अभिधानउद्गम
अक्षिआँख The eye२मनुष्य की दो आँखें होती हैं ।
अग्निआग Fire३होमाग्नियों की संख्या ३ है, अर्थात् , गार्हपत्य, आहवनीय और दक्षिण ।
अङ्कसंख्या Number९शून्य को छोड़कर केवल ९ अङ्क होते हैं ।
अङ्गविज्ञान का एक विभाग<br>An auxiliary division or department of science६वेदों के अध्ययन के संबंध में ६ विभाग होते हैं, अर्थात् , शिक्षा, कल्प, व्याकरण, निरुक्त, छन्दस्, ज्योतिष ।
अचलपर्वत A mountain७पौराणिक भूगोल में माने गये ७ मुख्य पर्वत जो कुलाचल कहलाते हैं; अर्थात् , महेन्द्र, मलय, सह्य, शक्तिमत्, ऋक्ष, विंध्य, पारियात्र ।
अद्रिपर्वत A mountain७अचल देखिए ।
अनन्तआकाश The sky०आकाश को शून्य समझा जाता है ।
अनलआग Fire३अग्नि देखिए ।
अनीकसेना An army८संस्कृत में ८ प्रकार की सेनाओं का उल्लेख है, अर्थात् पत्ति, सेनामुख, गुल्म, गण, वाहिनी, पृतना, चमू, अनीकिनी । ( जिनागम में गण की जगह अक्षौहिणी का उल्लेख है ।)
अन्तरिक्षआकाश The sky०अनन्त देखिए ।
अब्धिमहासागर The ocean४चार महासागर माने जाते हैं, अर्थात्, पूर्वी, दक्षिणी, पश्चिमी और उत्तरी ।
अम्बकआंख The eye२अक्षि देखिए ।
अम्बरआकाश The sky०अनन्त देखिए ।