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सर्वकोश
गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 252, कुल 421 में से

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पृष्ठ 252

sits above or next to 'प्र'?
Wait, it's धनुर्गुणेष्प्रसाधने. Let's transcribe faithfully what is printed:
Wait, look at it: धनुर्गुणेष्प्रसाधने.

Let's check line 14:
"यवाकार क्षेत्र तथा धनुषाकार क्षेत्र के सम्बन्ध में सूक्ष्म मानों को निकालने के लिये नियम—"
Wait, in line 14: "धनुषाकार" - yes, printed as "धनुषाकार".
Line 15: "धनुष की डोरी को बाण की एक चौथाई राशि द्वारा गुणित करते हैं । प्राप्त फल को १० के"
Line 16: "वर्गमूल द्वारा गुणित करने पर धनुषाकार तथा यवाकार क्षेत्र के सम्बन्ध में क्षेत्रफल का सूक्ष्म रूप से"
Line 17: "ठीक मान प्राप्त होता है ॥ ७०½ ॥"
Line 18: "उदाहरणार्थ प्रश्न"
Line 19: "यवधान्य को बीच से फाड़ने से प्राप्त क्षेत्र की आकृति की महत्तम लम्बाई १२ दंड है; दो सिरे"
Line 20: "सुई-बिन्दु हैं, और बीच में चौड़ाई ४ दंड है। क्षेत्रफल क्या है ? ॥ ७१½ ॥ धनुषाकार रूपरेखा"
Line 21: "वाली आकृति के संबंध में डोरी २४ है तथा बाण ४ है । क्षेत्रफल का सूक्ष्म माप क्या है ? ॥ ७२½ ॥"
Line 22: "धनुष के वक्र का