सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 181, कुल 421 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 181

-६. १४३½ ] मिश्रकव्यवहारः [ १२७
अधिकाल्पराशयोरपरायोर्मूलमिश्रविभागसूत्रम्—
ज्येष्ठाग्रमहाराशेर्जघन्यफलताडितोनमपनीय ।
फलवर्गशेषभागो ज्येष्ठार्घोऽन्यो गुणस्य विपरीतम् ॥ १३९½ ॥
अत्रोद्देशकः
नवानां मातुलुङ्गानां कपित्थानां सुगन्धिनाम् । सप्तानां मूल्यसंमिश्रं सप्तोत्तरशतं पुनः ॥१४०½॥
सप्तानां मातुलुङ्गानां कपित्थानां सुगन्धिनाम् । नवानां मूल्यसंमिश्रमेकोत्तरशतं पुनः ॥ १४१½ ॥
मूल्ये ते वद मे शीघ्रं मातुलुङ्गकपित्थयोः । अनयोर्गणक त्वं मे कृत्वा सम्यक् पृथक् पृथक् ॥१४२½॥
बहुराशिमिश्रतन्मूल्यमिश्रविभागसूत्रम्—
इष्टघ्नफलैरूनितलाभादिष्टप्राप्तफलमसकृत् । तैरूनितफलपिण्डस्तच्छेदा गुणयुतास्तदर्घाः स्युः ॥१४३½॥
बड़ी और छोटी संख्याओं वाली वस्तुओं की कीमतों के दिये गये मिश्र योगों में से दो भिन्न
वस्तुओं की विनिमयशील बड़ी और छोटी संख्या की कीमतों को अलग-अलग करने के लिये नियम—
दो प्रकार की वस्तुओं में से किसी एक की संवादी बड़ी संख्या द्वारा गुणित उच्चतर मूल्य-योग
में से दो प्रकार की वस्तुओं में से अन्य सम्बन्धी छोटी संख्या द्वारा गुणित निम्नतर मूल्य-संख्या
घटाओ । तब, परिणाम को इन वस्तुओं सम्बन्धी संख्याओं के वर्गों के अन्तर द्वारा भाजित करो । इस
प्रकार प्राप्त फल अधिक संख्या वाली वस्तुओं का मूल्य होता है । दूसरा अर्थात् छोटी संख्या वाली
वस्तु का मूल्य गुणकों ( multipliers ) को परस्पर बदल देने से प्राप्त हो जाता है ॥१३९½॥
उदाहरणार्थ प्रश्न
९ मातुलुङ्ग ( citron ) और ७ सुगन्धित कपित्थ फलों की मिश्रित कीमत १०७ है । पुनः ७
मातुलुङ्ग और ९ सुगन्धित कपित्थ फलों की कीमत १०१ है । हे अंकगणितज्ञ ! मुझे शीघ्र बताओ
कि एक मातुलुङ्ग और एक कपित्थ के दाम अलग-अलग क्या हैं ? ॥ १४०½-१४२½ ॥
दिये गये मिश्रित मूल्यों और दिये गये मिश्रित मानों में से विभिन्न प्रकार की वस्तुओं के
विभिन्न मिश्रित परिमाणों की संख्याओं और मूल्यों की अलग-अलग करने के लिये नियम—
( विभिन्न वस्तुओं की ) दी गई विभिन्न ( मिश्रित ) राशियों को मन से चुनी हुई संख्या द्वारा
गुणित किया जाता है । इन मिश्रित राशियों के दिये गये मिश्रित मूल्य को इन गुणनफलों के मानों
द्वारा अलग अलग हासित किया जाता है । एक के बाद दूसरी परिणामी राशियों को मन से चुनी हुई
संख्या द्वारा भाजित किया जाता है और शेषों को फिर से मन से चुनी हुई संख्या द्वारा भाजित किया
जाता है । इस विधि को बारबार दुहराना पड़ता है । विभिन्न वस्तुओं की दी गई मिश्रित राशियों को
उत्तरोत्तर ऊपरी विधि में संवादी भजनफलों द्वारा हासित किया जाता है । इस प्रकार, मिश्रयोगों में
विभिन्न वस्तुओं के संख्यात्मक मानों को प्राप्त किया जाता है । मन से चुने हुए गुणी ( multi-
pliers ) को उपर्युक्त लगातार भाग की विधि वाले मन से चुने हुए भाजकों में मिलाने से प्राप्त
राशियाँ तथा उक्त गुणक