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सर्वकोश
गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)

Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation

महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा

DevanagariHindipublished421 पृष्ठ

पृष्ठ 147, कुल 421 में से

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पृष्ठ 147

–६. १४ ] मिश्रकव्यवहारः [ ९३
मूलानयनसूत्रम्—
मूलं स्वकालगुणितं स्वफलेन विभाजितं तदिच्छायाः ।
कालेन भजेल्लब्धं फलेन गुणितं तदिच्छा स्यात् ॥ १० ॥
अत्रोद्देशकः
पञ्चार्धकशतयोगे पञ्च पुराणान्दलोनमासौ द्वौ । वृद्धिं लभते कश्चित् किं मूलं तस्य मे कथय ॥११॥
सप्तत्याः सार्धमासेन फलं पञ्चार्धमेव च । व्यर्धाष्टमासे मूलं किं फलयोः सार्धयोर्द्वयोः ॥ १२ ॥
त्रिकपञ्चकषट्कशते यथा नवाष्टादशाथ पञ्चकृतिः ।
पञ्चांशकेन मिश्रा षट्सु हि मासेषु कानि मूलानि ॥ १३ ॥
कालानयनसूत्रम्—
कालगुणितप्रमाणं स्वफलेच्छाभ्यां हृतं ततः कृत्वा ।
तदिहेच्छाफलगुणितं लब्धं कालं बुधाः प्राहुः ॥ १४ ॥
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उधार दिये गये मूलधन को निकालने के लिये नियम—
मूलधन राशि को उसो से सम्बन्धित समय द्वारा गुणित करते हैं और सम्बन्धित ब्याज द्वारा
विभाजित करते हैं । तब इस भजनफल को (उधार दिये गये) मूलधन से सम्बन्धित अवधि द्वारा
विभाजित करते हैं; यह अंतिम भजनफल जब उपार्जित ब्याज द्वारा गुणित किया जाता है तब वह
मूलधन प्राप्त होता है जिस पर कि उक्त ब्याज प्राप्त हुआ है ॥१०॥
उदाहरणार्थ प्रश्न
ब्याज दर २ ½ प्रतिशत प्रतिमाह से १ ½ माह तक रकम उधार देकर एक व्यक्ति ५ पुराण
ब्याज प्राप्त करता है । मुझे बतलाओ कि उस ब्याज के सम्बन्ध में मूलधन क्या है ? ॥११॥
७० पर १ ½ माह में २ ½ ब्याज होता है । यदि ७ ½ माह में २ ½ ब्याज होता हो तो बतलाओ कि
कितना मूलधन ब्याज पर दिया गया है ? ॥१२॥ क्रमशः ३, ५ और ६ प्रतिशत प्रति माह की दर से
उधार देने पर ६ माह में प्राप्त होने वाले ब्याज क्रमशः ९, १८ और २५ ⅕ हैं; कौन-कौन से मूलधन
ब्याज पर दिये गये हैं ? ॥१३॥
अवधि निकालने के लिये नियम—
मूलधन को सम्बन्धित अवधि से गुणित करो; तब इस गुणनफल को उसो से सम्बन्धित ब्याज
दर से भाजित करो और उधार दी हुई रकम से भी भाजित करो । प्राप्त भजनफल को उधार दी हुई
रकम के ब्याज द्वारा गुणित करो । बुद्धिमान मनुष्य कहते हैं कि परिणामी गुणनफल (उपार्जित ब्याज
की) अवधि होता है ॥१४॥
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धा × आ × बा
(१०) प्रतीक रूप से, ─────────── = ध
बा × अ
धा × आ × ब
(१४) प्रतीक रूप से, ────────── = अ
बा × घ