गणितसारसंग्रह (महावीराचार्य - प्रो. लक्ष्मीचन्द्र जैन सविस्तार हिन्दी अनुवाद सटीक)
Ganitasarasangraha of Mahaviracharya with Hindi Translation
महावीराचार्य (अनुवादक: प्रो. एल. सी. जैन) द्वारा
पृष्ठ 135, कुल 421 में से
संदर्भ में पढ़ें-४. ७० ] प्रकीर्णकव्यवहारः [ ८१
हीनालाप उद्देशकः
मूलं कपोतवृन्दस्य द्वादशोनस्य चापि यत् । तयोर्योगे कपोताः षड् दृष्टास्तन्निकरः कियान् ॥६६॥
पारावतीयसंघे चतुर्थनोनेऽपि तत्र यन्मूलम् । तद्द्वययोगः षोडश तद्वृन्दे कति विहङ्गाः स्युः ॥६७॥
अधिकालाप उद्देशकः
राजहंसनिकरस्य यत्पदं साष्टषष्टिसहितस्य चैतयोः ।
संयुतिर्द्विकविहीनषट्कृतिस्तद्गणे कति मरालका वद ॥ ६८ ॥
इति मूलमिश्रजातिः ।
अथ भिन्नदृश्यजातौ सूत्रम्—
दृश्यांशोने रूपे भागाभ्यासेन भाजिते तत्र । यल्लब्धं तत्सारं प्रजायते भिन्नदृश्यविधौ ॥ ६९ ॥
अत्रोद्देशकः
सिकतायामष्टांशः संदृष्टोऽष्टादशांशसंगुणितः । स्तम्भस्यार्धं दृष्टं स्तम्भायामः कियान् कथय ॥७०॥
१ B में 'योगः', पाठ है । २ B, M और K में 'गगने' पाठ है ।
हीनालाप के उदाहरणार्थ प्रश्न
कपोतों की कुल संख्या के वर्गमूल में १२ द्वारा ह्रासित कपोतों की कुल संख्या के वर्गमूल को
जोड़ने पर ( ठीक फल ) ६ कबूतर प्रमाण देखने में आता है । उस वृन्द के कपोतों की कुल संख्या
क्या है ? ॥ ६६ ॥ कपोतों के कुल समूह का वर्गमूल, तथा ४ के घन द्वारा ह्रासित कपोतों की कुल
संख्या का वर्गमूल निकालकर इन ( दोनों राशियों ) का योग १६ प्राप्त होता है । बतलाओ समूह में
कुल कितने विहंग हैं ? ॥ ६७ ॥
अधिकालाप का उदाहरणार्थ प्रश्न
राजहंसों के समूह के संख्यात्मक मान का वर्गमूल तथा ६८ अधिक उसी समूह की संख्या का
वर्गमूल ( निकालने से प्राप्त ) इन ( दोनों राशियों ) का योग ६² - २ होता है । बतलाओ उस समूह
में कितने हंस हैं ? ॥ ६८ ॥
इस प्रकार 'मूल मिश्र' जाति प्रकरण समाप्त हुआ ।
'भिन्न दृश्य' जाति सम्बन्धी नियम—
जब एक को ( अज्ञात राशियों से सम्बन्धित दी गईं ) भिन्नीय शेष राशि द्वारा ह्रासित कर
( सम्बन्धित विशिष्ट ) भिन्नीय भागों के गुणन फल द्वारा भाजित करते हैं, तब प्राप्त फल ( भिन्नों पर
प्रश्नों के ) 'भिन्न दृश्य' प्रकार का साधन करने में, इष्ट उत्तर होता है ॥ ६९ ॥
उदाहरणार्थ प्रश्न
किसी स्तम्भ का १/८ भाग, उसो स्तम्भ के १/१८ भाग द्वारा गुणित होता है । इससे प्राप्त भाग
प्रमाण रेत में गढ़ा हुआ पाया गया । उस स्तम्भ का १/२ भाग ऊपर दृष्टिगोचर हुआ । बतलाओ कि
स्तम्भ की ( उदग्र vertical ) लम्बाई क्या है ? ॥ ७० ॥ कुल हाथियों के झुंड के २/३ वें भाग
( ६९ ) बीजीय रूप से, क = ( १ - र/य ) ÷ मप/नफ है । यह, समीकरण क - म/न क × प/फ क -
ग० सा० सं०-११