श्रीमद् एकनाथी भागवत (सन्त एकनाथ - श्रीमद्भागवत एकादश स्कन्ध उद्धव गीता सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

श्रीमद् एकनाथी भागवत (सन्त एकनाथ - श्रीमद्भागवत एकादश स्कन्ध उद्धव गीता सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Shrimad Eknathi Bhagavat (Hindi) by N.V. Sapre
सन्त एकनाथ महाराज (अनुवादक: एन. वी. सप्रे) द्वारा
DevanagariHindipublished869 पृष्ठ
पृष्ठ 765, कुल 869 में से
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Anushtubh!
Wait, is this meter:
यथा नभो वाय्वनलाम्बुभृद्गुणैर्गतागतैर्वर्तुगुणैर्न सज्जते ।
Let's count:
य (u) था (–) न (u) भो (–)
वा (–) य्व (u) न (u) ला (–) म्बु (–) भृद् (–) गु (u) णैर् (–)
ग (u) ता (–) ग (u) तैर् (–)
र्तु (–) गु (u) णैर् (–)
न (u) स (–) ज्ज (u) ते (–)
Wait, what meter is this?
Let's look at the line:
यथा नभो वाय्वनलाम्बुभृद्गुणैर्गतागतैर्वर्तुगुणैर्न सज्जते ।
Wait, let's look at Bhagavata 11.28.26:
The verse is in Šārdūlavikrīḍita or Sragdharā or Vasantatilakā or what?
Wait!
"तथाक्षरं सत्त्वरजस्तमोमलैरहं मतेः संसृतिहेतुभिः परम् ॥"
Let's count:
तथाक्षरं (4)
सत्त्वरजस्तमोमलै- (8) = 12
-रहंमतेः (4) =