श्रीमद् एकनाथी भागवत (सन्त एकनाथ - श्रीमद्भागवत एकादश स्कन्ध उद्धव गीता सविस्तार हिन्दी व्याख्या)

श्रीमद् एकनाथी भागवत (सन्त एकनाथ - श्रीमद्भागवत एकादश स्कन्ध उद्धव गीता सविस्तार हिन्दी व्याख्या)
Shrimad Eknathi Bhagavat (Hindi) by N.V. Sapre
सन्त एकनाथ महाराज (अनुवादक: एन. वी. सप्रे) द्वारा
DevanagariHindipublished869 पृष्ठ
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१० श्रीमद् एकनाथी भागवत
का दर्शन करनेवालों को उत्तम भक्त कहा है। उन्होंने प्रपंच को परमार्थपरक बनाने का स्वानुभव दूसरों को
दिया। उन्होंने संत ज्ञानेश्वर का तत्त्वज्ञान पूर्णतयः स्वीकार किया तथा उसे अधिक सरल, उदार, विशाल तथा
समावेशक बनाया। इस दृष्टि से नाथ भागवत उत्तम भाष्य ग्रन्थ है।*
श्रीमद् एकनाथी भागवत का हिन्दी में भावानुवाद तैयार करते समय मैंने मराठी में कृष्णाजी नारायण
आठल्ये द्वारा अनुवादित ग्रन्थ सार्थ श्री एकनाथी भागवत का उदारतापूर्वक उपयोग किया है जिसके लिए मैं
उनका कृतज्ञ हूँ।
—ना०वि० सप्रे
- कुछ अंश रामचन्द्र कृष्ण कामत द्वारा लिखित सार्थ श्री एकनाथी भागवत की सम्पादकीय से साभार।