धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)

धम्मपद (पालि मूल, संस्कृत छाया एवं हिन्दी अनुवाद)
Dhammapada with Pali Original & Hindi Translation
महापण्डित राहुल सांकृत्यायन द्वारा
DevanagariHindipublished213 पृष्ठ
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११।११ ] जरावग्गो [ ७१
( अचरित्वा ब्रह्मचर्यं अलब्ध्वा यौवने धनम् ।
जीर्णक्रौंच इव क्षीयन्ते क्षीणमत्स्य इव पल्वले ॥१०॥)
१५६—अचरित्वा ब्रह्मचरियं अलद्धा योव्वणे धनं ।
सेन्ति चापातिखीणा'व पुराणानि अनुत्थुनं ॥११॥
( अचरित्वा ब्रह्मचर्यं अलब्ध्वा यौवने धनम् ।
शेरते चापोऽतिक्षीण इव पुराणान्यनुतन्वन्तः ॥११॥)
अनुवाद—ब्रह्मचर्यको बिना पालन किये, जवानीमें धनको बिना
कमाये, (पुरुष) मत्स्यहीन जलाशयमें वृद्ध क्रौंच पक्षीसे
जान पडते हैं ।
११-जरावर्ग समाप्त