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सर्वकोश
दशरूपक (आचार्य धनञ्जय - धनिक प्रणीत अवलोक टीका एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

दशरूपक (आचार्य धनञ्जय - धनिक प्रणीत अवलोक टीका एवं सविस्तार हिन्दी व्याख्या सटीक)

Dasarupaka of Dhananjaya with Avaloka Commentary

आचार्य धनञ्जय (टीकाकार: धनिक / डॉ. भोलाशंकर व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished168 पृष्ठ

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मृच्छकटिका—२४, ३७, ४८, ७२.
मेघदूतम्—१०५.
रघुः ( रघुवंशो वा )—३५, ८८, १०५.
रत्नावली—४, ५, ६, ७, ८, १०, ११, १२, १३, १४, १५, १६, १७,
१८, १९, २०, २१, २२, २३, २४, २५, २६, २७, २८, २९,
३०, ३६, ४७, ५८, ६१, ६३, ६४, ६७, ८०, ८१,
१०६, १०९.
रामाभ्युदयम्—२४.
रामायणम्—४, ३३, ४०, ६०, ७०, ९७.
रुद्रः—१०३.
वाक्पतिराजदेवः—१०२.
विकटनितम्बा—९०.
विक्रमोर्वशी—६५, ६६, १०५.
विद्धशालभञ्जिका—१०१.
वीरचरितम्—( महावीरचरितं ) ८, ३२, ३५, ४१, ४२, ५९, ६०,
७०, ८०, ८२, ८३, ८४, ८५, ८८, ८९, १०७, १०८.
वेणीसंहारम्—५, ८, ९, १०, ११, १२, १३, १९, २०, २१, २२,
२३, २५, २६, २७, २८, २९, ३०, ३१, ६४, ८३, १०८.
शाकुन्तलम्—५२, ५३, ६३, ६९, १०१.
षट्सहस्रीकृत्—७७.
हनुमन्नाटकम्—३६, ४१, ७९, ८४.