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सर्वकोश
दरिया साहिब की बानी: मारवाड़ वाले (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सजीवन नाम व पद)

दरिया साहिब की बानी: मारवाड़ वाले (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सजीवन नाम व पद)

Dariya Sahib Marwad Wale Ki Bani: Belvedere Press

सन्त दरिया साहिब मारवाड़ (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा

DevanagariHindipublished52 पृष्ठ

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२८ दरिया साहब मारवाड़
बिन रसना गुन उदत नार ।
पाँव बिन पातर १ निरतकार ॥ ४ ॥
जहँ जल बिन सरवर भरा पूर ।
जहँ अनंत जोत बिन चन्द सूर ॥ ५ ॥
बारह मास जहँ ऋतु बसंत ।
ध्यान धरैं जहँ अनंत संत ॥ ६ ॥
त्रिकुटी सुखमन चुवत खीर ।
बिन बादल बरखै मुक्ति नीर ॥ ७ ॥
अमृत धारा चलै सीर २ ।
कोइ पीवै बिरला संत धीर ॥ ८ ॥
ररंकार धुन अरूप एक ।
सुरत गही उनही की टेक ॥ ६ ॥
जन दरिया बैराट चूर ।
जहँ बिरला पहुँचे संत सूर ॥१०॥


चल चल रे हंसा राम सिंध ।
बागड़ ३ में क्या रह्यो बंध ॥ टेक ॥
जहँ निर्जल धरती बहुत धूर ।
जहँ साकित बस्ती दूर दूर ॥ १ ॥
ग्रीषम ४ ऋतु में तपै भोम ।
जहँ आतम दुखिया रोम रोम ॥ २ ॥
भूख प्यास दुख सहै आन ।
जहँ मुक्ताहल नहिं खान पान ॥३॥
जउवा ५ नारू ६ दुखित रोग ।
जहँ मैं तैं वानी हरष सोग ॥ ४ ॥
(१) वश्या । (२) ठंडी । (३) नूणी धरती । (४) गरमी । (५) एक तरह के कीड़े ।
(६) बीमारी का नाम ।