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सर्वकोश
दरिया साहिब की बानी: मारवाड़ वाले (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सजीवन नाम व पद)

दरिया साहिब की बानी: मारवाड़ वाले (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सजीवन नाम व पद)

Dariya Sahib Marwad Wale Ki Bani: Belvedere Press

सन्त दरिया साहिब मारवाड़ (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा

DevanagariHindipublished52 पृष्ठ

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पृष्ठ 36

मिश्रित अंग ३३
रहनी करनी साध की, एक राम का ध्यान।
बाहर मिलता सो मिलै, भीतर आतम ज्ञान ॥४३॥
तरवर छाना¹ फल नहीं, पिरथी से बनराय।
सतगुरु छाना सिष नहीं, दूर देसंतर जाय ॥४४॥
दरिया संगत साध की, सहजै पलटै बंस।
कीट छाँड़ मुक्ता चुगै, होय काग से हंस ॥४५॥
साँची संगत साध की, जो कर जानै कोय।
दरिया ऐसी सो करै, [जेहि] कारज करना होय ॥४६॥
दरिया संगत साध की, सहजै पलटै अंग।
जैसे संग मजीठ के, कपड़ा होय सुरंग ॥४७॥
दरिया संगत साध की, कटत बिष नासै धोय।
कपटी की संगत किये, आपहु कपटी होय ॥४८॥
सतगुरु को परसा नहीं, सुमिरा नाहीं राम।
ते नर पसू समान हैं, साँस लेत बेकाम ॥४६॥
माया माया सब कहै, चीन्है नाहीं कोय।
जन दरिया