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सर्वकोश
दरिया साहिब की बानी: मारवाड़ वाले (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सजीवन नाम व पद)

दरिया साहिब की बानी: मारवाड़ वाले (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सजीवन नाम व पद)

Dariya Sahib Marwad Wale Ki Bani: Belvedere Press

सन्त दरिया साहिब मारवाड़ (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा

DevanagariHindipublished52 पृष्ठ

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२ जीवन-चरित्र
देह पड़तौँ दादू कहै, सौ बरसौँ इक संत ।
रैन नगर में परगटै, तारै जीव अनंत ॥
यह दरिया साहब उन दरिया साहब से बिलकुल निराले हैं जो बिहार प्रांत में डुमराँव
के पास के धरकंधा नामक गाँव में इसी समय में बिराजमान थे और जिन का देहांत होना
१०६ बरस की उमर में संवत् १८३७ में पाया जाता है । इस हिसाब से मारवाड़ वाले
दरिया साहब बिहार वाले दरिया साहब के दो बरस पीछे पैदा हुए और २२ बरस पहिले गुप्त
हुए। इन दोनों महात्माओं की बानी और इष्ट के नाम में इतना भेद है कि दोनों कदापि
एक नहीं ठहर सकते । पर यह अनूठी बात है कि दोनों महात्मा नीच जाति के मुसलमानी
माता के पेट से जन्मे (क्योंकि मारवाड़ वाले महात्मा की माँ धुनियाइन थी और बिहार वाले
की दर्जिन) दोनों महात्मा का नाम एक ही था, दोनों शब्द-मार्गी थे और एक ही समय में
बयासी बरस तक रहे, यद्यपि अलग-अलग देशों में एक दूसरे से बहुत दूर पर । बिहार के
दरिया साहब के पंथ वाले दूसरे दरिया साहब के पन्थ वालो से गिनती में अधिक हैं;
उन की बानी भी जो ऊँचे गट की और अति मनोहर है हमको मिली है जो उनके जीवन-
चरित्र के साथ छपी है।
मारवाड़ वाले दरिया साहब की बानी और जीवन-चरित्र हम को लाला शंकरलाल
माहेश्री बी० ए० सेक्रेटरी सरदार रिसाला जोधपुर की सहायता से मिले जिसके लिये हम
उनको हृदय से धन्यवाद देते हैं।
संत चरन की रज, अधम,
संतवानीपुस्तक-माला-कार्यालय
वेलावडियर प्रेस, प्रयाग ।