दरिया साहिब की बानी: मारवाड़ वाले (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सजीवन नाम व पद)
Dariya Sahib Marwad Wale Ki Bani: Belvedere Press
सन्त दरिया साहिब मारवाड़ (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२२ दरिया साहब मारवाड़
काया कसनी दया औ धर्म, सपने सुर्ग औ बंधन कर्म ॥११॥
काम क्रोध हत्या पर नास, सपना माहीं नर्क निवास ॥१२॥
आदि भवानी संकर देवा, यह सब सपना लेवा देवा ॥१३॥
ब्रह्मा बिस्नू दस औतार, सपना अंतर सब ब्यौहार ॥१४॥
उद्भिज सेतज जेरज अंडा, सुपन रूप बरतै ब्रह्मांडा ॥१५॥
उपजै बरतै अरु बिनसावै, सपने अंतर सब दरसावै ॥१६॥
त्याग ग्रहन सपना ब्यौहारा, जो जागा सो सब से न्यारा ॥१७॥
जो कोई साध जागिया चावै, सो सतगुर के सरनै आवै ॥१८॥
कुन कृत बिरला जाग नभागो, गुरमुख चेत सब्द मुख जागो॥१६॥
संसय मोह भरम निस नास, आतम राम सहज परकास ॥२०॥
राम सँभाल सहज घर ध्यान, पाछे सहज प्रकासै ज्ञान ॥२१॥
जन दरियाव सोई बड़ भागो, जाका सुरत ब्रह्म संग जागो ॥२२॥
साध का अंग
दरिया लच्छन साध का, क्या गिरही क्या भेख ।
निःकपटी निरसंक रहि, बाहर भीतर एक ॥१॥
सतगुर को परसा नहीं, सीखा सब्द सुहेत ।
दरिया कैसे नीप