सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंश्री दादूवाणी-परिचय का अंग 4
औजूद मकामे हस्त - देह अध्यासी के लक्षण
नफ़्स गालिब किब्र काबिज, गुस्सः मनी एस्त ।
दुइ दरोग, हिर्स हुज्जत, नाम नेकी नेस्त ॥ 132 ॥
अरवाह मकामे हस्त - आत्मवादी के लक्षण
इश्क इबादत बंदगी, यगानगी इखलास ।
मिहर मुहब्बत, खैर खूबी, नाम नेकी पास ॥ 133 ॥
माबूद मकामे हस्त - ब्रह्मवादी के लक्षण
यके नूर खूबे खूबां, दीदनी हैरान ।
अजब चीज खुरदनी, पियालए मस्तान ॥ 134 ॥
मौजूद खबर (शरीयत - मंजिल)
हैवान आलम गुमराह गाफिल, अव्वल शरीयत पंद ।
हलाल हराम नेकी बदी, दर्से दानिशमंद ॥ 135 ॥
तरीकत मंजिल
कुल फारिग तर्क दुनिया, हररोज हरदम याद ।
अल्हः आली इश्क आशिक, दरूने फरियाद ॥ 136 ॥
मार्फत मंजिल
आब आतश अर्श कुर्सी, सूरते सुबहान ।
शिरर सिफ़्त करद बूद, मारफत मकाम ॥ 137 ॥
हकीकत मंजिल
हक हासिल नूर दीदम, करारे मकसूद ।
दीदार दरिया अरवाहे आमद, मौजूदे मौजूद ॥ 138 ॥
चारों मंजिलें
चहार मंजिल बयां गुप्तम, दस्त करदः बूद ।
पीरां मुरीदां खबर करदः, जां राहे माबूद ॥ 139 ॥
पहली प्राण पशु नर कीजे, साच झूठ संसार ।
नीति अनीति भला बुरा, शुभ अशुभ निरधार ॥ 140 ॥
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