सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
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परिचय का अंग
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अथ परिचय का अंग ४
मंगलाचरण
दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः।
वंदनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ॥ 1 ॥
दादू निरंतर पीव पाइया, तहँ पंखी उनमनि जाइ।
सप्तों मंडल भेदिया, अष्टैं रह्या समाइ ॥ 2 ॥
परमात्मा का स्वरूप
दादू निरंतर पीव पाइया, तहँ निगम न पहुँचे वेद।
तेज स्वरूपी पीव बसे, कोई बिरला जानैं भेद ॥ 3 ॥
परमेश्वर का निवास
दादू निरंतर पीव पाइया, तीन लोक भरपूर।
सब सेजों साँई बसै, लोक बतावैं दूर ॥ 4 ॥
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