सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
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कायाबेली ग्रंथ
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अथ काया बेली ग्रन्थ २३
३५६. पिंड ब्रह्माण्ड शोधन । पंजाबी त्रिताल
साचा सतगुरु राम मिलावे, सब कुछ काया मांहि दिखावे ॥ टेक ॥
काया माँही सिरजनहार, काया माँही ओंकार।
काया माँही है आकाश, काया माँही धरती पास ॥ १ ॥
काया माँही पवन प्रकाश, काया माँही नीर निवास ।
काया माँही शशिहर सूर, काया माँही बाजे तूर ॥ २ ॥
काया माँही तीनों देव, काया माँही अलख अभेव ।
काया माँही चारों वेद, काया माँही पाया भेद ॥ ३ ॥
काया माँही चारों खानी, काया माँही चारों वाणी ।
काया माँही उपजै आइ, काया माँही मर मर जाइ ॥ ४ ॥
काया माँही जामै मरै, काया माँही चौरासी फिरै ।
काया माँही ले अवतार, काया माँही बारम्बार ॥ ५ ॥
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