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सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

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श्री दादूवाणी-शूरातन का अंग 24
निर्भय बैठा राम जप, कबहुँ काल न खाइ ।
जब दादू कुंजर चढै, तब सुनहाँ झख जाइ ॥ 82 ॥
कायर कूकर कोटि मिलि, भौंके अरु भागैं ।
दादू गरवा गुरुमुखी, हस्ति नहीं लागैं ॥ 83 ॥
इति श्री दादूदास-विरचिते सतगुरु-प्रसादेन प्रोक्तं भक्ति योगनाम
तत्वसारमत-सर्वसाधुर्बुद्धिज्ञान-सर्वशास्त्र-शोधितं रामनाम सतगुरुशिक्षा
धर्मशास्त्र-सत्योपदेश-ब्रह्मविद्यायां मनुष्य जीवनाम् नित्य-श्रवणं पठनं
मोक्षदायकम् श्री दादूवाणीनाम् माहात्म्य
चौबीसवां शूरातन कअंग सम्पूर्ण ॥ अंग 24 ॥ साखी 83 ॥
दादूराम
सत्यराम

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