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सर्वकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

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पृष्ठ 239

शूरातन
का
अंग
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अथ शूरातन का अंग २४
मंगलाचरण
दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः ।
वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगतः ।। 1 ।।
शूर सती साधु निर्णय
साचा सिर सौं खेलहै, यह साधुजन का काम ।
दादू मरणा आसँधै, सोई कहैगा राम ।। 2 ।।
राम कहैं ते मर कहैं, जीवित कह्या न जाइ ।
दादू ऐसैं राम कहि, सती शूर सम भाइ ।। 3 ।।

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