सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)
Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary
सन्त दादू दयाल जी द्वारा
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जीवत मृतक का अंग
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अथ जीवित मृतक का अंग २३
मंगलाचरण
दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः ।
वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगततः ॥ 1 ॥
धरती मत आकाश का, चंद सूर का लेइ ।
दादू पानी पवन का, राम नाम कहि देइ ॥ 2 ॥
दादू धरती ह्वै रहै, तज कूड़ कपट अहंकार।
सांई कारण सिर सहै, ताको प्रत्यक्ष सिरजनहार ॥ 3 ॥
जीवित माटी मिल रहै, सांई सन्मुख होइ।
दादू पहली मर रहै, पीछे तो सब कोइ ॥ 4 ॥
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