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सर्वकोश
सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

सन्त दादू दयाल वाणी (सन्त दादू दयाल जी - सम्पूर्ण साखी एवं पद सटीक)

Sant Dadu Dayal Vani with Hindi Commentary

सन्त दादू दयाल जी द्वारा

DevanagariHindipublished504 पृष्ठ

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पृष्ठ 179

भेष का अंग
भेष का अंग १४
मंगलाचरण
दादू नमो नमो निरंजनं, नमस्कार गुरुदेवतः ।
वन्दनं सर्व साधवा, प्रणामं पारंगत: ।। 1 ।।
पतिव्रत निष्काम
दादू बूड़े ज्ञान सब, चतुराई जल जाइ ।
अंजन मंजन फूंक दे, रहै राम ल्यौ लाइ ॥ 2 ॥
राम बिना सब फीका लागै, करणी कथा गियान ।
सकल अविरथा, कोटि कर दादू जोग धियान ॥ 3 ॥

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