अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)
Amar Shaheed Chandrashekhar Azad
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सजाएँ :
काकोरी काण्ड के इन दोनों मुकदमों में अभियुक्तों को निम्नलिखित
सजाएँ मिलीं—
मृत्युदण्ड—पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशनसिंह, राजेन्द्र-
नाथ लाहिड़ी तथा अशफाकउल्ला खां।
कालापानी—शचीन्द्रनाथ सान्याल तथा शचीन्द्र बख्शी।
चौदह वर्ष की कैद—मन्मथनाथ गुप्त।
दस वर्ष की कैद—योगेशचन्द्र चटर्जी, मुकुन्दीलाल, गोविन्दचरण कार,
राजकुमारसिंह तथा रामकृष्ण खत्री।
सात वर्ष की कैद—विष्णुशरण दुब्लिश और सुरेश भट्टाचार्य।
पाँच वर्ष की कैद—भूपेन्द्रनाथ सान्याल, प्रेमकृष्ण खन्ना तथा राम-
दुलारे त्रिवेदी।
चार वर्ष की कैद—प्रणवेश चटर्जी।
यद्यपि बनवारीलाल इकबाली गवाह बन गया था, फिर भी वह सजा
पाने से बच नहीं सका। अदालत ने उसे भी पाँच वर्ष की सजा दी।
मन्मथनाथ गुप्त, योगेशचन्द्र चटर्जी, मुकुन्दीलाल, गोविन्दचरण कार,
विष्णुशरण दुब्लिश तथा सुरेश भट्टाचार्य के विरुद्ध सरकार ने फिर अपील
की। इन ६ अभियुक्तों में से योगेशचन्द्र चटर्जी, मुकुन्दीलाल तथा गोविन्द-
चरण कार को पहले दस वर्ष की कैद की सजा मिली थी, बाद में इनकी
सजा भी बढ़ाकर कालेपानी में बदल दी गई तथा सात साल कैद की सजा
पानेवाले विष्णुशरण दुब्लिश और सुरेश भट्टाचार्य की सजा बढ़ाकर दस
वर्ष कर दी गई। उम्र कम होने के कारण मन्मथनाथ गुप्त की सजा पूर्ववत्
रही।