अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)
Amar Shaheed Chandrashekhar Azad
सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा
पृष्ठ 144, कुल 148 में से
संदर्भ में पढ़ेंचन्द्रशेखर आजाद 145
आजाद भी एक बूटा की ओट में हो गए। दोनों ओर से गोलियां चलने
लगीं। इतने में आजाद ने मुझे आदेश दिया कि मैं यहाँ से चला जाऊँ।
वह स्वयं लड़ते-लड़ते वहीं शहीद हो गए। किन्तु उन्होंने अपने एक साथी
की जान बचा ली।"
स्वयं मिटकर भी मित्र की प्राणरक्षा करने का यह उदाहरण निश्चय
ही अपने-आपमें एक आदर्श है, जिसकी सामान्य व्यक्तियों से आशा करना
केवल कल्पना ही होगी।
पण्डित रामप्रसाद बिस्मिल तथा भगतसिंह को जेलों से मुक्त कराने
के प्रयास भी उनके मित्र-प्रेम के ही परिचायक हैं। इस प्रकार चन्द्रशेखर
आजाद जहाँ एक ओर एक अद्वितीय क्रान्तिकारी, अदम्य साहसी, श्रेष्ठ
नेतृत्व-शक्ति से युक्त, चरित्रबल के प्रतीक तथा प्रगतिशील विचारों वाले
राजनीतिक चिन्तक हैं, वहीं दूसरी ओर वह एक आदर्श मित्र के रूप में
हमारे सामने आते हैं।
देश-प्रेम के पर्याय :