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अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

Amar Shaheed Chandrashekhar Azad

सूचना एवं प्रसारण मन्त्रालय, भारत सरकार द्वारा

DevanagariHindipublished148 पृष्ठ

पृष्ठ 118, कुल 148 में से

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पृष्ठ 118

नवम अध्याय
आज़ाद के जीवन के कुछ प्रेरक एवं
स्मरणीय प्रसंग
धीरे-धीरे धुआँ देकर दीर्घकाल तक जलने से प्रचण्ड आलोक के साथ
एक क्षण में जलकर बुझ जाना अच्छा है। वीर चन्द्रशेखर आजाद ने भी
इसी उक्ति को अपने जीवन में चरितार्थ किया। उन्होंने अपने जीवन के
केवल 25 वसन्तों में ही भारतीय इतिहास में अपना एक अद्वितीय स्थान
बनाया।
यों तो चन्द्रशेखर आजाद का अशेष जीवन एक प्रेरक प्रसंग है, जिससे
देशवासियों को त्याग-भावना, देशप्रेम, निर्भीकता आदि शिक्षाएँ प्राप्त
होती हैं। फिर भी उनके जीवन में कुछ ऐसे प्रेरक दृष्टान्त मिलते हैं, जिनसे
प्रत्येक मनुष्य उनके विषय में कुछ सोचने के लिए बाध्य हो जाता है। उनके
हृदय में मातृभूमि के लिए अपने पूर्ण यौवन में समस्त सुख-सुविधाओं तथा
भोगों आदि का परित्याग करके वीरगति प्राप्त करने वाले इस अद्भुत
व्यक्तित्व के लिए अनायास ही श्रद्धा का भाव उत्पन्न हो जाता है। अनेक
विद्वान लेखकों ने आज़ाद के जीवन के प्रेरक प्रसंगों का अपनी पुस्तकों में
वर्णन किया है। इन्हीं में से कुछ प्रसंग यहाँ प्रस्तुत किये जा रहे हैं।