अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)

अमर शहीद चन्द्रशेखर आज़ाद (हिन्दुस्तान समाजवादी प्रजातन्त्र सेना के प्रधान सेनापति का शौर्य इतिहास)
Amar Shaheed Chandrashekhar Azad
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चन्द्रशेखर आजाद 111
में बहुत ही जल्दी आ जाते थे। किन्तु कई बार धोखा खाकर आखिरी
फैसला उसके साथ न रहने का किया था। वीरभद्र भी जानता था कि
वह इस प्रकार दल से निकाल दिया गया है। इसीलिए इलाहाबाद में जब
आजाद ने वीरभद्र को देखा तो वह चौकन्ने हो गए। आजाद और
सुखदेवराज जाकर अल्फ्रेड पार्क में एक जगह बैठ गए। इतने में पुलिस
अफसर विशेश्वर सिंह और ज्ञानचन्द वहाँ आए। इनमें से ज्ञानचन्द
आजाद को पहचानता था "