बुल्ला साहिब का शब्दसार (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - जीवन-चरित्र एवं अमर पद)

बुल्ला साहिब का शब्दसार (बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - जीवन-चरित्र एवं अमर पद)
Bulla Sahib Ka Shabdasara: Belvedere Press Allahabad
सन्त बुल्ला साहिब (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा
DevanagariHindipublished36 पृष्ठ
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मिश्रित २६
लहरि लहरि उठि पछिव १ घाट ।
फहरि फहरि चल उतर बाट ॥ ४ ॥
सेत बरन तहँ आवै आप ।
कह बुल्ला सोइ माइ बाप ॥ ५ ॥
॥ शब्द ६ ॥
होत भई बिन मोल कि बाँदी २ ।
अविगति ने मोहिं सहजहिं छाँदी ३ ॥ १ ॥
बिना दाम अब छूटब कैसे ।
राखहु अविगति जैसेहिं तैसे ॥ २ ॥
तन मन धन मेरो दाम दमइया ।
लेहुँ न अविगति अपनि दुहइया ४ ॥ ३ ॥
जन बुल्ला सरनागति अइया ।
बिना राम अब कवन छुड़इया ॥ ४ ॥
॥ शब्द १० ॥
बैशागिनि मोरि हो, होउ जोगिनि के भेस ॥ टेक ॥
उहवाँ तें आइल सँदेसवा हो, सुनहु सखी पाँच नारि ॥ १ ॥
कुसल छेम तें चालहु हो, बहुरि न मिलि है मुरारि ॥ २ ॥
बदली रंग बिरँग है हो, भंग रंग केहि