बृहत्संहिता: द्वितीय भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)
Brihat Samhita Vol 2 with Vimala Hindi Commentary
आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंशाकुनोत्तराध्यायः ५१३
तृतीयमक्षरं दकारमापतति। अत एवोक्तम्-
वृषे थकारो हिबुके टकारः कीटे डकारो नृघटे दकारः। इति।।२१।।
अन्येष्वपि-
वृषे घकारो हिबुके शकारः कीटे झकारो नृघटे भकारः ।
लग्ने जकारो हिबुके उकारः कीटे ङकारो नृघटे मकारः ।।२२।।
वृष लग्न में चतुर्थ नवांश हो तो वृष में चतुर्थ नवांशाधिपति मंगल के वर्ग का
चतुर्थ अक्षर घकार, चतुर्थ राशि ( सिंह ) में चतुर्थ नवांशाधिपति चन्द्र के वर्ग का
पञ्चम अक्षर शकार, सप्तम राशि ( वृश्चिक ) में चतुर्थ नवांशाधिपति शुक्र के वर्ग का
चतुर्थ अक्षर झकार और दशम राशि ( कुम्भ ) में पञ्चम नवांशाधिपति शनि के वर्ग का
चतुर्थ अक्षर भकार आता है। वृष लग्न में पञ्चम नवांश हो तो वृष में पञ्चम नवांशाधिपति
शुक्र के वर्ग का पञ्चम अक्षर जकार, चतुर्थ राशि ( सिंह ) में पञ्चम नवांशाधिपति सूर्य
के वर्ग का पञ्चम अक्षर उकार, सप्तम राशि ( वृश्चिक ) में पञ्चम नवांशाधिपति मङ्गल
के वर्ग का पञ्चम अक्षर ङकार और दशम राशि ( कुम्भ ) में पञ्चम नवांशाधिपति शनि
के वर्ग का पञ्चम अक्षर मकार आता है।।२२।।
वृषस्य चतुर्थनवांशकाधिपो भौमस्तदीयवर्गाच्चतुर्थमक्षरं घकारमापतति। सिंहस्य
चतुर्थनवांशकाधिपतिश्चन्द्रस्तदीयवर्गात् पञ्चममक्षरं शकारमापतति। वृश्चिकस्य चतुर्थ-
नवांशकाधिपतिः शुक्रस्तदीयवर्गाच्चतुर्थमक्षरं झकारमापतति। कुम्भस्य चतुर्थनवांशकाधिपतिः
सौरस्तदीयवर्गाच्चतुर्थमक्षरं भकारमापतति। अत एवोक्तम्-
वृषे घकारो हिबुके शकारः कीटे झकारो नृघटे भकारः।
वृषस्य पञ्चमनवांशकाधिपतिः शुक्रस्तदीयवर्गात् पञ्चममक्षरं जकारमापतति। सिंहस्य
पञ्चमनवांशकाधिपतिः सूर्यस्तदीयवर्गात् पञ्चममक्षरमुकारमापतति। वृश्चिकस्य पञ्चम-
नवांशकाधिपतिर्भौमस्तदीयवर्गात् पञ्चममक्षरं ङकारमापतति। कुम्भस्य पञ्चमनवांशकाधिपतिः
सौरस्तदीयवर्गात् पञ्चममक्षरं मकारमापतति। अत एवोक्तम्-
लग्ने जकारो हिबुके उकारः कीटे ङकारो नृघटे मकारः।। इति।।२२।।
अन्येष्वप्याह-
लग्ने ढकारोऽथ जले णकारश्चास्ते धकारोऽम्बरगे नकारः ।
वृषे षकारो हिबुके चकारः कीटे पकारो नृघटे ककारः ।।२३।।
वृष लग्न में षष्ठ नवांश हो तो वृष में षष्ठ नवांशाधिपति बुध के वर्ग का चतुर्थ
अक्षर ढकार, चतुर्थ राशि ( सिंह ) में षष्ठ नवांशाधिपति बुध के वर्ग का पञ्चम अक्षर
णकार, सप्तम राशि ( वृश्चिक ) में षष्ठ नवांशाधिपति बृहस्पति के वर्ग का चतुर्थ अक्षर
धकार और दशम राशि ( कुम्भ ) में षष्ठ नवांशाधिपति बृहस्पति के वर्ग का पञ्चम
बृ० भ० द्वि०-३३