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सर्वकोश
बृहत्संहिता: द्वितीय भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

बृहत्संहिता: द्वितीय भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

Brihat Samhita Vol 2 with Vimala Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा

DevanagariHindipublished760 पृष्ठ

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छत्रलक्षणाध्यायः २८९
अन्येषां सामान्यानां नराणां पुरुषाणां शितातपवारणं शीतमातपं यद्वारयति रक्षति
तच्छत्रं चतुरस्रं चतुष्कोणं कार्यम्। विप्राणां ब्राह्मणानां समवृत्तं समन्ततः परिवर्तुलं दण्ड-
युक्तं छत्रं कार्यमिति॥६॥
इति श्रीभट्टोत्पलविरचितायां संहिताविवृतौ छत्रलक्षणं
नाम त्रिसप्ततितमोऽध्यायः ॥७३॥
बृ० भ० द्वि०-१९
CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA