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सर्वकोश
बृहत्संहिता: द्वितीय भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

बृहत्संहिता: द्वितीय भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

Brihat Samhita Vol 2 with Vimala Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा

DevanagariHindipublished760 पृष्ठ

पृष्ठ 155, कुल 760 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 155

द्वा-द-शो-प-र्यु-प-रि-गा:
द्वा (1)
द (2)
शो (3)
प (4)
र्यु (5)
प (6)
रि (7)
गा (8)
When typed in Devanagari:
द्वा + द + शो + प + र्यु + प + रि + गा = द्वादशोपर्य्युपरिगा (or द्वादशोपर्युरिगा without double y: द्वादशोपर्युरिगा has no 'प'!).
Wait! If you don't type the 'प', it's द्वादशोपर्युरिगा.
If you type the 'प', it's द्वादशोपर्युरिगा? NO!
Look at the letters:
द्वा (dvā)
द (da)
शो (śo)
प (pa)
र्यु (ryu)
प (pa)
रि (ri)
गा (gā)
Word: द्वादशोपर्युरिगा vs द्वादशोपर्य्युपरिगा:
Notice:
द्वा - द - शो - प - र्यु - प - रि - गा = द्वादशोपर्य्युपरिगा!
Wait, let's write it:
द्वा (dvā) + द (da) + शो (śo) + प (pa) + र्यु (ryu) + प (pa