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सर्वकोश
बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

Brihat Samhita Vol 1 with Vimala Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा

DevanagariHindipublished728 पृष्ठ

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पृष्ठ 705

वस्तुनिष्ठप्रश्नाः ६६३
१९५. किंरूपा उल्का कुशलं सुभिक्षञ्च करोति लोकान्?
(अ) स्वस्तिकरूपा (स) नारिकेलरूपा
(ब) शङ्खरूपा (द) राजभवनरूपा
१९६. किंरूपा उल्का द्विजात्राशयति?
(अ) शुक्लरूपा (स) रक्तरूपा
(ब) कृष्णरूपा (द) पीतरूपा
१९७. पुच्छस्था उल्का कात्राशयति?
(अ) द्विजान् (स) वैश्यान्
(ब) क्षत्रियान् (द) शूद्रान्
१९८. कुतः समुद्भूता उल्का शुभफलदा भवति?
(अ) सूर्यकिरणात्समुद्भूताः
(ब) चन्द्रप्रदक्षिणक्रमेण समागता
(स) सूर्यप्रदक्षिणक्रमेण समागता
(द) सूर्यचन्द्रमसोः प्रदक्षिणक्रमेण समागता
१९९. आकाशे भ्रममाणा उल्का किं करोति?
(अ) राज्ञः नाशयति (स) नागरिकान् नाशयति
(ब) लोकान् नाशयति (द) ग्रामीणान् नाशयति
२००. नक्षत्राणि ग्रहाश्चैव यद्युल्का ध्वस्तधूमिता।
तद्देशनाथनाशाय लोकानां सम्भ्रमाय च॥
इति वचनं कस्य?
(अ) कश्यपस्य (स) भारद्वाजस्य
(ब) वशिष्ठस्य (द) विश्वामित्रस्य
२०१. राजभीतिका उल्का कीदृशी भवति?
(अ) यस्यानुसङ्गः खे चिरं तिष्ठति (स) या गगने रज्जुबद्धेव विलोक्यते
(ब) या दण्डाकारा विलोक्यते (द) या महेन्द्रध्वजतुल्या दृश्यते
२०२. कीदृशी उल्का श्रेष्ठिनः विनाशयति?
(अ) प्रतीपगा (स) तिर्यगा
(ब) ऋजुगा (द) अधोगा
२०३. ऊर्ध्वगा उल्का कान् पीडयति?
(अ) ब्राह्मणान् (स) वैश्यान्
(ब) क्षत्रियान् (द) शूद्रान्
२०४. कोल्का राष्ट्रदोषकारिणी भवति?
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