सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

बृहत्संहिता: प्रथम भाग (आचार्य वराहमिहिर - विमला हिन्दी व्याख्या, पं. अच्युतानन्द झा)

Brihat Samhita Vol 1 with Vimala Hindi Commentary

आचार्य वराहमिहिर (टीकाकार: पं. अच्युतानन्द झा) द्वारा

DevanagariHindipublished728 पृष्ठ

पृष्ठ 704, कुल 728 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 704

६६२ बृहत्संहिता
(अ) भृगुसंहितातः (स) अगस्त्यसंहितातः
(ब) वशिष्ठसंहितातः (द) समाससंहितातः
१८५. कस्य फलमर्धं भवति?
(अ) धिष्ण्याफलम् (स) विद्युत्फलम्
(ब) ताराफलम् (द) अशनिफलम्
१८६. 'अशनिः प्राणिषु निपतति दारयति धरातलं बृहच्छब्दा' इति पद्यं कुत्रास्ति?
(अ) समाससंहितायाम् (स) वसिष्ठसंहितायाम्
(ब) गर्गसंहितायाम् (द) अगस्त्यसंहितायाम्
१८७. धिष्ण्या उल्का कियत्परिमाणा दीर्घा?
(अ) द्विहस्तपरिमिता (स) पञ्चहस्तपरिमिता
(ब) त्रिहस्तपरिमिता (द) चतुर्हस्तपरिमिता
१८८. विद्युत् कुत्र पतति?
(अ) प्राणिषु (स) गृहेषु
(ब) वृक्षेषु (द) क्षेत्रेषु
१८९. कया गत्या विद्युत्पतति?
(अ) सहसा पतति (स) त्वरितं वतति
(ब) शनैः पतति (द) द्रुतं पतति
१९०. 'धिष्ण्या सिता द्विहस्ता धनूंषि दश याति कृष्णदेहा' इति पद्यं कुत्राऽस्ति?
(अ) समाससंहितायाम् (स) गर्गमनोरमायाम्
(ब) अगस्त्यसंहितायाम् (द) बृहत्पाराशरहोराशास्त्रे
१९१. तारा कति हस्तपरिमिता दीर्घा भवति?
(अ) द्विहस्तपरिमिता दीर्घा (स) चतुर्हस्तपरिमिता दीर्घा
(ब) त्रिहस्तपरिमिता दीर्घा (द) एकहस्तपरिमिता दीर्घा
१९२. उल्का कान् विपत्तीं सूचयति?
(अ) राज्ञां विपत्तीं सूचयति (स) लोकान् विपत्तीं सूचयति
(ब) जनान् विपत्तीं सूचयति (द) सर्वान् विपत्तीं सूचयति
१९३. किंरूपा उल्का भवति?
(अ) प्रेतरूपा (स) कपिरूपा
(ब) गर्दभरूपा (द) मृगरूपा
१९४. कति शिरा उल्का भवति?
(अ) द्विशिरा (स) चतुःशिरा
(ब) त्रिशिरा (द) पञ्चशिरा
CC-0. JK Sanskrit Academy, Jammmu. Digitized by S3 Foundation USA