सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

बृहत्पाराशर होरा शास्त्र (महर्षि पराशर - सम्पूर्ण फलित ज्योतिष महाकोश सान्वय सटीक)

Brihat Parashara Hora Shastra of Maharshi Parasara with Commentary

महर्षि पराशर (टीकाकार: पं. गणेशदत्त पाठक / सीताराम झा) द्वारा

DevanagariHindipublished800 पृष्ठ

पृष्ठ 22, कुल 800 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 22

२४ बृहत्पाराशरहोराशास्त्रम्
वृष राशि का श्वेत (सफेद) वर्ण, लम्बी शरीर, चार पैर, रात्रिबली,
दक्षिण दिशा, ग्रामवासी, वैश्यवर्ण, भूमिप्रिय, पृष्ठोदयी है और शुक्र इसके
स्वामी हैं।।८।।
अथ मिथुनराशिस्वरूपम्-
शीर्षोदयी नृमिथुनं सगदं च सवीणकम्।
प्रत्यक्स्वामी द्विपाद्रात्रिबली ग्राम्याग्रगोऽनिला।।९।।
समगात्रो हरिद्वर्णो मिथुनाख्यो बुधाधिपः।
मिथुन राशि शीर्षोदय, पुरुष-स्त्री, पुरुष गदा को लिए और स्त्री वीणा
को लिए हुए, पश्चिम दिशा का स्वामी, द्विपद, रात्रिबली, ग्राम में रहनेवाला,
वायु प्रकृति है।।९।।
समान (चौखूटी) शरीर, हरे रंग की है और बुध इसके स्वामी हैं।
अथ कर्कराशिस्वरूपम्-
पाटलो वनचारी च ब्राह्मणो निशि वीर्यवान् ।।१०।।
बहुपटुतरः स्थौल्यतनुः सत्त्वगुणी बली।
पृष्ठोदयी कर्कराशिर्मृगाङ्कोऽधिपतिः स्मृतः।।११।।
कर्क राशि का पाटल (थोड़ा लाल और सफेद मिला हुआ) वर्ण,
वनचारी, ब्राह्मण वर्ण, रात में बली है।।१०।।
अत्यन्त विद्वान्, स्थूल शरीर, जल में रहने वाली, पृष्ठोदयी राशि है
और चन्द्रमा इसके स्वामी हैं।।११।।
अथ सिंहराशिस्वरूपम्-
सिंहः सूर्याधिपः सत्त्वी चतुष्पात्क्षत्रियो बली।
शीर्षोदयी बृहद्गात्रः पाण्डुः पूर्वेद्युवीर्यवान् ।।१२।।
सिंह राशि सतोगुणी, चतुष्पाद, क्षत्रिय वर्ण, बलवान्, शीर्षोदयी राशि,
लम्बी शरीर, पांडुवर्ण, पूर्वदिशा का स्वामी, दिन में बली है और सूर्य इसके
स्वामी हैं।।१२।।
अथ कन्याराशिस्वरूपम्-
पार्वतीयोथ कन्याख्या राशिर्दिनबलान्विता।
शीर्षोदया च मध्याङ्गा द्विपाद्याम्यचरा स्मृता ।।१३।।
कन्या राशि पर्वत में विशेष रुचिवाली, दिवाबली, शीर्षोदयराशि,
मध्यम शरीर, द्विपद, दक्षिण दिशा में रहनेवाली, वैश्यवर्ण है।।१३।।