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बिहारी सतसई (महाकवि बिहारीलाल - लाला भगवानदीन कृत सविastार हिन्दी टीका सहित)

बिहारी सतसई (महाकवि बिहारीलाल - लाला भगवानदीन कृत सविastार हिन्दी टीका सहित)

Bihari Satsai with Hindi Commentary

महाकवि बिहारीलाल (टीकाकार: लाला भगवानदीन) द्वारा

DevanagariHindipublished290 पृष्ठ

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पृष्ठ 53

( १६ ) बिहारीसतसयीकी-
सौहत धोती ... ... ३३ | हठ न हठीली ... ... ५७४
सोहत अंगुठा ... ... ५११ | हठि हित करि .... ... १२०
सोहत संग ... ... ६१३ | हम हारी कै ... ... ६५७
सोहत ओढे ... ... ५ | हरषि नवीली ... ... ४९
सोहैहू ... ... ३६६ | हरि कीजत ... ... ६१९
स्वारथ सुकृत ... ... ६३५ | हरि छवि ... ... २५८
| हरि हरि ... .... २९९
श. | हाहावदन ... ... ३७२
शशिवदनी ... ... ७१३ | हित करि ... ... ३०३
सीतळता ... ... ६२० | हिये और ... ... १२६
शीश मुकुट ... ... २ | हुकम पाय ... ... ७०६
श्याम सुरति ... ... ६५५ | हेरि हिंडोरे ... .... २४९
| है हिय रहति ... .... २७४
ह. | होमत मुख ... ... ३०५
हँसि उतार ... ... ३०४ | हौं रीझी ... ... ३३५
हँसि ओठन .... ... १९४ | हौं हीबौरी ... ... ४१६
हँसि हँसाय ... ... ३६३ | ह्याँते ह्यां ... ... ४१७
हँसि हँसि हेरत ... ... २१७ | द्वै कपूर ... ... ५२३
इति अनुक्रमणिका समाप्त ।