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बिहारी सतसई (महाकवि बिहारीलाल - लाला भगवानदीन कृत सविastार हिन्दी टीका सहित)

बिहारी सतसई (महाकवि बिहारीलाल - लाला भगवानदीन कृत सविastार हिन्दी टीका सहित)

Bihari Satsai with Hindi Commentary

महाकवि बिहारीलाल (टीकाकार: लाला भगवानदीन) द्वारा

DevanagariHindipublished290 पृष्ठ

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( ४ ) बिहारीसतसयीकी-
कोनु सुनै ... ... ३९० | गहे न नेको ... ... ६४१
कौन भांति ... ... ६८७ | गह्यो अवाला ... ... ११९
क्यों बसिये ... ... २७५ | गाढ़े गाढ़े ... ... ४९८
क्योंहूं सब ... ... ३७६ | गिन्ती गनवे ... ... ५३१
क्ष. | गिरिते ऊँचे ... ... ६२५
क्षणेक उधार ... ... ११० | गिरे कंप ... ... ५६२
क्षणेक छबीले ... ... ३३६ | गुनी गुना सब ... ... ६१०
क्षणे वाचना ... ... २४४ | गुरुजन ... ... ७०८
क्षण २ में ... ... ३१३ | गोप अघाइन ... ... १५७
ख. | गोपिन संग ... ... १०
खरी भीर ... ... ५७ | गोरी गदकारी ... ... ५४३
खरी पातरी ... ... ३६७ | गोरी छिगुनी ... ... ४९६
खरी लसत ... ... ४९२ | गोधनतू ... ... ६२८
खरे अदब ... ... ३६१ | गोपिनके ... ... ६५४
खल बड़ई ... ... २९४ | घ.
खलित वचन ... ... २१९ | घनघेरी ... ... ५७७
खिंचे मान ... ... १०२ | घर घर हिन्दु ... ... ७०४
खेलन सिखये ... ... ४५८ | घर घर डोलत ... ... ६०६
खौरि पनच ... ... ४५३ | घाम घरीक ... ... ४८
ग. | च.
गडे बडे ... ... १७६ | चकी जकीसी ... ... ५२९
गढरचना ... ... ५९६ | चखरुचि ... ... २७९
गदराने तन ... ... ३४८ | चटक न छांडत ... ... ६९१
गली अँधेरी ... ... २२१ | चलन न पावन ... ... ५९७
गहली गरब ... ... ३६९ | चम चमात ... ... ४६८
गहाकि गांस ... ... २०० |