भोजनकुतूहल: प्रथम भाग (रघुनाथ नवहस्त - आहार-रसायन, पाकशाला-व्यवस्था व विरुद्धाहार)
Bhojanakutuhala of Raghunatha Navahasta
रघुनाथ नवहस्त (सम्पादक: सूरनाड कुंजन पिल्लै) द्वारा
पृष्ठ 254, कुल 358 में से
संदर्भ में पढ़ें४
• श्लोकाः • | पृष्ठम् | श्लोकाः • | पृष्ठम् •
इत्थं यथादोषं | 101 | उद्रेकं ... | 197
इत्थं विमृश्य | 229 | उपरोधित्वात् | 167
इत्थं हि ताम्बूलं | 227 | उपवासफलं | 183
इत्थमद्भुतं केवन्न | 207 | उपोदकातिसाराय | 198
इत्यमं विषवपु | 197 | उपादकाशाकु | 205
इत्युदार्य | .219 | उपोदकी कटुः | 67
इदं तेऽन्ये च | 203 | उपोदकी तृतीया | ,,
इदं कुसरनाम | 29 | उपोदकी परा | 67
इन्द्रनीलदळा | 166 | उभाभ्यां लक्ष्म्युपेतः | 213
इन्द्रो दुर्भगतां | 144 | उभौ कफप्रश | 24
ईषच्च दीपनं | 150 | उष्ट्रीक्षीरं | 133
ईषत्कषायं स्वाद्वम् | 106 | उष्णे कटु च | 75
ईषत्कषायः | 68 | उष्णे वाऽन्तं | 143
ईषत्कषायमधुरं | 83 | उष्णे शृतं तु | 100
,, | 187 | उष्णे विधीमवयजेष | 201
,, | 81 | उष्णमेककफं | 133
ईषद्रूक्षं च | 105 | उष्णवीर्यं | 102
ईषद्विद्रिधा | 28 | उष्णस्त्वल्पो | 16
ईषद्धातकरा | 14 | उष्णा मारुत | 54
ईषल्लघु बलं | 171 | उष्णा सन्तर्पणी | 36
ईषल्लघु स्यात् | 170 | ऊनेन शीतं | 209
उक्ता येव सदा | 41 | ऊष्णेः सहोष्ण | 167
उग्रगन्धि पुराणं | 150 | ऊष्णेनंमोम्बुवा | 212
उत्तानाः पाक | 54 | ऊष्णोदनों भ्रम | 27
उत्तुण्डक्याः | 200 | ऊष्णोष्णसर्पिषा | 35
उदकैस्संहितैः | 124 | ऊर्ध्वरे चास्थिता | 101
उदमन्यादिवा | 202 | ऋज्वस्य दासस्य | 155
उदरक्षीपदा | 184 | ऋतुप्रभो | 175
उदरे ये गदाः | 123 | ऋतुकन्यो | 202
उदभिश्शोषिता | 146 | ॠर्तु व्यजनं | 225
उदावर्त्तानमर्दादि | 124 | एकत्र बहुमांसानि | 212
उद्गारशुद्धिः | 213 | एकत्र वा समांशानि | 198
उद्दालः कथिताः | 166 | एकयोनीन् | 55
उद्दाम्यते ततो | 186 | एकाहाच्युषितं | 140