भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंइस्लाम और भारत ६७
बाज़ाब्ता हमने, उसके कारणों और उसके नतीजों को बयान कर देना
चाहते हैं ।
भारत पर पहला हमला
ईसा की आठवीं सदी के शुरू में कुछ अरब सौदागरों की सिंहलद्वीप
( लंका ) में मृत्यु हुई । ये अरब सौदागर इराक़ के रहने वाले थे । सिंहल-
द्वीप के राजा ने इन अरबों की कुछ अनाथ लड़कियों को एक जहाज़ में बैठा
कर इराक़ के मुसलमान गवर्नर हज्जाज के पास भेजा । मार्ग में कच्छ के
कुछ डाकुओं ने, जिन्हें बावरिज कहते थे, जहाज़ पर हमला करके अरब
लड़कियों को छीन लिया । हज्जाज ने काठियावाड़ के हिन्दू राजा दाहिर से
लड़कियाँ तलब कीं । दाहिर हजाज की माँग पूरी न कर सका । इस पर
हजाज ने बलूचिस्तान के रास्ते ख़ुश्की से मोहम्मद बिन क़ासिम के नेतृत्व
में एक सेना सन् ७१२ ईसवी के क़रीब भारत पर हमला करने के लिए
भेजी ।* यही भारत के ऊपर मुसलमानों का सब से पहला हमला था ।
भारत की राजनैतिक हालत उस समय कुछ निर्बल थी जिसका अधिक हाल
हम आगे चल कर देंगे । मोहम्मद बिन क़ासिम ने सिन्ध और मुलतान को
विजय करके उन पर अपनी हुकूमत क़ायम कर ली ।
सिन्ध पर मुस्लिम हुकूमत
इस हमले के सम्बन्ध में हमें चार बातें ध्यान में रखनी चाहिएँ :—
( १ ) यह कि भारत पर मुसलमानों का पहला हमला उस समय
हुआ जब कि पूरब में तातार तक और पश्चिम में स्पेन तक मुसलमानों की
हुकूमत क़ायम हो चुकी थी ।
- Elliot's History of India, vol. i, p. 118.