भारत में अंग्रेजी राज (पण्डित सुन्दरलाल - ब्रिटिश औपनिवेशिक लूट व षड्यन्त्रों का प्रामाणिक इतिहास)
Bharat Mein Angreji Raj by Pandit Sunderlal
पण्डित सुन्दरलाल (प्रस्तावना: महात्मा गाँधी) द्वारा
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दिया। इस देश के ऊपर मुसलमानों के हमले को देश की घोरतम आपत्ति
बताया जाता है, मुसलमानों की इस देश पर हुकूमत को देशवासियों की
निर्बलता का सबूत बताया जाता है, और इसी आधार पर यह साबित
करने की कोशिश की जाती है कि अंगरेज़ों ने इस देश में आकर उस
घोरतम आपत्ति के बुरे नतीजों से भारतवासियों की रक्षा की।
निस्सन्देह कोई भी विदेशी हमला किसी भी देश के लिए बड़ाई की
बात नहीं मानी जा सकती। फिर भी जिस तरह इससे पहले के हमलों की
बाबत में, उसी तरह इस हमले की बाबत हमें यह देखना होगा कि
मुसलमानों का दूसरे देशों पर हमला भारत ही की एक विशेषता थी या
संसार के अन्य देशों को भी इस हमले का सामना करना पड़ा। हमें यह
भी देखना होगा कि मुसलमानों का हमला पहले भारत पर हुआ या पहले
किसी दूसरे देश पर, दूसरे देशों के मुक़ाबले में भारत ने इस हमले का
कहाँ तक सफलता के साथ सामना किया, और मुसलमानों के हमले के
आख़िरी नतीजे भारत के लिए कहाँ तक हितकर रहे या अहितकर।
मोहम्मद साहब
मोहम्मद साहब का जन्म सन् ५६६ ईस्वी में हुआ था। सन् ६०६
ईस्वी में उन्होंने अपने नए मज़हब का प्रचार शुरू किया, जिसका मुख्य
रूप था—अरब के सैकड़ों क़बीलों और घरानों के अलग अलग हज़ारों
देवी देवताओं और उनकी मूर्तियों का अन्त कर उनकी जगह मनुष्य मात्र
के लिए एक निराकार अल्लाह की पूजा सिखाना, अलग अलग क़बीलों को
तोड़ कर अरब निवासियों को एक संयुक्त क़ौम बनाना, अरबों की असंख्य
धार्मिक और सामाजिक कुरीतियों और हानिकर रूढ़ियों को तोड़ कर उनके